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मध्य प्रदेश चुनावः शत्रुओं का नाश करने के लिए हवन की अग्नि में तप रहे राजनेता

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: November 2, 2018 14:00 IST

देशभर के तांत्रिक नलखेड़ा में कहा जाता है कि मां बगलामुखी शत्रुनाशक हैं और अपने सच्चे भक्त पर उनकी कृपा सदैव रहती है।

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-नईम कुरैशीसतकर्मो में सफलता का सार युगों से स्थापित है। खटकर्म कामयाबी दिला सकते तो प्रकांड पंडित महा बलशाली लंकापति रावण का अंत भगवान राम के हाथों नहीं होता। रावण की इष्ट देवी मां बगलामुखी ने श्रीराम की आराधना को स्वीकारा और उस रावण का नाश हो गया, मां जिसके कुल की रक्षक थी। चुनाव आते ही सियासी शत्रुओं के मंसूबों को नाकाम करने आगर जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के आंगन में हवन कुंडों की आग थम नहीं रही है।

सिद्धी के लिए सियासतदानों की कतार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई-बहन से लेकर मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के परिजन, नौकरशाह, भाजपा-कांग्रेस में टिकिट के दावेदार और वे सब शामिल हैं जिन्हें चुनाव में सरोकार है। दिन रात हवन प्रज्वलित हैं और उसकी अग्नि में मनोकामना के लिए नेता अपने को तपा रहे हैं। मंदिर में वैसे तो देश-विदेश के श्रद्धालुओं का मजमा पूरे वर्ष लगा रहता है, मगर विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद यहां खास मेहमानों की भीड़ बढ़ गई है।

देशभर के तांत्रिक नलखेड़ा में कहा जाता है कि मां बगलामुखी शत्रुनाशक हैं और अपने सच्चे भक्त पर उनकी कृपा सदैव रहती है। मां के करम का चर्चा ख्यात तांत्रिक चंद्रास्वामी के द्वारा बंगलामुखी मंदिर में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के लिए की गई तंत्र क्रियाओं और हवन के बाद कुछ ज्यादा ही हुआ था। इस साधना के बाद राव प्रधानमंत्री बने। इसके पूर्व चंद्रास्वामी ने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की सियासत को पटरी पर लाने के लिए भी मां के दरबार में साधना की थी।खास बात यह है कि  भाजपा-कांग्रेस से कई दावेदार तो अपने निजी पंडितों को नियमित साधना के लिए नलखेड़ा में ही रु कने की व्यवस्था कर चुके हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से तांत्रिक विशेष हवन सामग्री के साथ मंदिर और उसके आसपास डेरा डाले हुए हैं।

संकटों से उबरने मां की शरण में सूरमा

राजनीतिक, व्यावसायिक या फिर शत्रु संकट ही क्यों न हो हर कोई इस से पार पाने माता बगलामुखी के दरबार मे नतमस्तक होता रहा है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और बॉलीवुड के शहंशाह अमतिाभ बच्चन के संकट मोचक रहे सांसद अमर सिंह जब सियासत और स्वास्थ्य के बुरे दौर से गुजर रहे थे, मां बगलामुखी के दरबार में हाजिर हुए। राज्यपाल रामनाईक के भाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई-बहन, बहनोई, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, अवधेशानंद महाराज, देश के कई प्रांतों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री समय-समय पर मां बगलामुखी के आंचल में सुख-समृद्धि की छांव तलाशने नलखेड़ा आते रहे हैं।

(नईम कुरैशी लोकमत समाचार मध्य प्रदेश से जुड़े हैं)

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