madhya pradesh by-election: Congress released manifesto | मध्य प्रदेश उपचुनाव: कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र, जानिए क्या-क्या किए वादे
प्रतीकात्मक तस्वीर

Highlightsग्रेस ने मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों के लिए तीन नवंबर को होने जा रहे उपुचनाव के लिये अपना घोषणा पत्र शनिवार को यहां जारी किया। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर कोरोना वायरस से मरने वालों के परिवारों को मदद करने का वादा किया है।

भोपाल: कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों के लिए तीन नवंबर को होने जा रहे उपुचनाव के लिये अपना घोषणा पत्र शनिवार को यहां जारी किया। इसमें कांग्रेस ने सत्ता में आने पर कोरोना वायरस से मरने वालों के परिवारों को मदद करने का वादा किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस का वचन पत्र जारी करते हुए किसान फसल ऋण माफी योजना, गायों की कल्याणकारी योजना और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर देने का वादा भी किया है।

नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने प्रदेश में 15 साल बाद भाजपा से सत्ता हासिल की थी लेकिन मार्च में कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आकर गिर गयी थी। राज्य की सत्ता में वापस आने के लिये कांग्रेस को सभी 28 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करना होगा जबकि सत्तारुढ़ भाजपा को 230 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के आंकड़े 116 को हासिल करने के लिये केवल नौ सीटों की जरुरत है। फिलहाल भाजपा के पास 107 विधायक हैं।

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कोविड-19 के पीड़ित परिवारों को मदद देने का वादा किया है। उसके अनुसार किसी महिला को पति की मृत्यु के मामले में पेंशन दी जायेगी और चल रहे कोरोना संकट के दौरान गरीबों को भोजन और स्वास्थ्य सेवायें देने का वादा किया गया है।

वचन पत्र में यह भी कहा गया है कि कोरोना संक्रमण से परिवार के कमाऊ मुखिया के निधन होने पर रोजगार और स्व रोजगार के अवसर भी दिये जायेगें। घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की गोधन न्याय योजना के समान मध्यप्रदेश में गोधन सेवा योजना शुरु करने का वादा भी किया गया है। कांग्रेस ने इस योजना में गो सेवकों को भी शामिल करने की बात कही है।

कांग्रेस के घोषणा पत्र में दो लाख रुपये तक की किसान ऋण माफी योजना को फिर से शुरु करने का वादा किया गया है। यह माना जाता है कि नवंबर 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सत्ता में आने के प्रमुख कारणों में यह योजना भी थी। कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिये ग्वालियर में निवेशकों का शिखर सम्मेलन कराने का भी वादा किया है। उपचुनाव में 28 सीटों में से 16 सीटें ग्वालियर चंबल इलाके की हैं।

कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिये चंबल महोत्सव प्रतिवर्ष कराने के साथ ही ग्वालियर में मेट्रो रेल नेटवर्क के लिये प्रारंभिक कार्रवाई शुरु करने का वादा भी किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा के तीन विधायकों के निधन और 25 अन्य कांग्रेस विधायकों के त्यागपत्र देने के कारण ये उपचुनाव हो रहे हैं। मार्च माह में 22 कांग्रेस विधायकों के त्यागपत्र देने से कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अल्पमत में आकर गिर गयी थी। इनमें अधिकांश ज्योतिरादित्य सिधिया के समर्थक विधायक थे। फिर राज्य में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी।

इसके बाद तीन और कांग्रेस विधायकों ने त्यागपत्र दिये थे। मार्च में सिंधिया और विधानसभा से त्यागपत्र देने वाले सभी 25 नेता भाजपा में शामिल हो गये और अब वे उपचुनाव में भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में हैं। इनमें से 14 गैर विधायकों को मंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान की मंत्रि परिषद में भी शामिल किया गया है। मार्च माह में शिवराज सिंह चौहान सरकार बनने के बाद सरकार ने सदन में विश्वास मत हासिल किया। 

Web Title: madhya pradesh by-election: Congress released manifesto
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