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मध्यप्रदेशः एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में उतरी महिलाएं, वोट मांगने वालों को भेंट करेंगी काली चूड़ियां

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: September 12, 2018 19:42 IST

भाजपा से इस्तीफा देने के बाद एट्रोसिटी एक्ट का विरोध करने उतरे रघुनंदन शर्मा ने बताया कि यह एक्ट सवर्ण विरोधी है और भारत के इतिहास में काला कानून भी।

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भोपालः 12 सितंबरः मध्यप्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट का विरोध तेज होता जा रहा है। अब सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों ने राजधानी में 20 सितंबर को मुख्यमंत्री का आवास घेरने की घोषणा की है। वहीं सवर्ण संगठन से जुड़ी महिलाओं ने फैसला किया है कि वोट मांगने उनके पास आने वालों को महिलाएं काली चूड़ियां भेंट करेंगी। वहीं युवा वर्ग अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराएगा।

यह जानकारी काला कानून विरोधी मोर्चा के संयोजक रघुनंदन शर्मा ने आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान दी। उन्होंने बताया कि राजधानी के उपनगर बैरागढ़ में मोर्चा की बैठक हुई। इस बैठक में एट्रोसिटी एक्ट का विरोध करने लिए आगामी 17 सितंबर से प्रदेशभर में रथयात्रा निकालने का फैसला लिया। 

इसी दिन होशंगाबाद जिले के सिवनी मालवा में एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में आमसभा का आयोजन किया जाएगा। शर्मा का कहना है कि रथयात्रा का समापन आगामी 20 सितंबर की दोपहर 12 बजे राजधानी भोपाल में किया जाएगा। इसी दिन प्रदेश का सवर्ण समाज मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर विरोध प्रकट करेगा। 

भाजपा से इस्तीफा देने के बाद एट्रोसिटी एक्ट का विरोध करने उतरे रघुनंदन शर्मा ने बताया कि यह एक्ट सवर्ण विरोधी है और भारत के इतिहास में काला कानून भी। उन्होंने बताया कि बैठक में सवर्ण समाज के संगठनों ने यह फैसला लिया है कि संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता अपने घरों पर एक्ट का विरोध जताने के लिए काले झंडे लगाएंगे ओर महिलाएं चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं को काली चूड़ियां भेंट कर एक्ट का विरोध करेंगे। 

ब्रह्म समागम सवर्ण जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने काला कानून मोर्चा के हर कार्यक्रम में उनके संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगे। 20 सितंबर को मुख्यमंत्री के निवास के घेराव में अधिक से अधिक संख्या में सवर्ण समाज के लोगों को वे एकत्रित करेंगे। 

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में सवर्ण संगठनों का नेतृत्व करने के लिए भाजपा से इस्तीफा देकर काला कानून मोर्चा बनाने वाले रघुनंदन शर्मा को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निकट का माना जाता रहा है। वे दो बार होशंगाबाद जिले जिला भाजयुमो अध्यक्ष रहे हैं। शर्मा के साथ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष कोमल मीणा, मुख्यमंत्री के गृह जिले के भाजपा नेता राकेश चौहान ने भी भाजपा से इस्तीफा देकर सवर्ण समाज संगठन से जुड़ने की घोषणा कर दी है।(मध्य प्रदेश से राजेंद्र पारासर की रिपोर्ट)

टॅग्स :शिवराज सिंह चौहानभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)एससी-एसटी एक्टमध्य प्रदेश
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