लाइव न्यूज़ :

मध्य प्रदेश: दूषित पानी से सिंगरौली में पड़े 40 लोग बीमार, एसडीएम कर रहे हैं जांच, हैंडपंप के पानी का लिया गया सैंपल

By मुकेश मिश्रा | Updated: October 31, 2022 17:20 IST

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के नंदगांव में हैंडपंप का दूषित पानी पीने से 40 लोगों को उल्टी-दस्त हुई और वो गंभीररूप से बीमार हो गए। प्रशासन की ओर से गांव में मौके पर पहुंचे एसडीएम ऋषि पवार ने पानी का सैंपल स्वास्थ्य कर्मचारियों से इकट्ठा करवाया है।

Open in App
ठळक मुद्देमध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हैंडपंप के दूषित पानी से 40 लोग हुए गंभीर रूप से बीमार दूषित पानी से बीमार होने वाले जिला अस्पताल में हुए भर्ती, हैंडपंप के पानी का लिया गया सैंपलयह घटना मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के नंदगांव की है, जिला प्रशासन मामले पर नजर बनाये हुए है

सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के नंदगांव में अचानक सालों पुराने हैंडपंप दूषित पानी उगलने लगा हैं। जिसकी वजह से उसमें मिलने वाले पीने का कारण 40 लोग उल्टी और दस्त कारण गंभीर रूप से बीमार हो गए। जानकारी के मुताबिक दूषित पानी से बीमार होने वालों को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। 

वहीं सिंगरौली प्रशासन को घटना की जानकारी तब हुई जब एक के बाद एक करके नंदगांव के 40 लोग उल्टी-दस्त से बीमार हो गए। प्रशासन की ओर से गांव में मौके पर पहुंचे एसडीएम ऋषि पवार ने पानी का सैंपल स्वास्थ्य कर्मचारियों से इकट्ठा करवाया।

इस संबंध में एसडीएम ने कहा कि जिला प्रशासन पानी के इन सैंपल के जरिये पता लगायेगा कि आखिर किस कारण से जमीन के भीतर से आने वाला पानी दूषित हुआ है। हैंडपंप के दूषित पानी से बीमारी होने वालों में नंदगांव के सूर्यप्रकाश यादव, प्रियंका पनिका, रामप्रसाद बैगा, सीमा साकेत, राशि साकेत, माही यादव, अंश पनिका, नीकिता साकेत, रामदीन पनिका, दुर्गा यादव, सूर्यलाल साकेत समेत दो दर्जन लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित हैं।

घटना के बाद जब गांववाले सभी बीमार लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने बीमारों को समय पर उपचार मुहैया नहीं कराया। कई लोग बिना बेड के घंटों जमीन पर तड़पते रहे। जिसके बाद गांव के लोग आक्रोशित हुए, तब जाकर सभी को बेड दिया गया। वहीं बीमारों में से एक सूर्य प्रकाश यादव के पास घंटे भर से ड्रिप रखी रही लेकिन उसे लगाने के लिए ड्यूटी पर न तो कई नर्स थी और न ही अन्य कर्मचारी।

एसडीएम ऋषि पवार ने इस संबंध में कहा कि जिला अस्पताल को बीमार लोगों के इलाज के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिये गये हैं। वहीं दूसरी ओर गांव के सारे हैंडपंप से पानी का सैंपल लिया गया है, जिसे जांच के लिए लैब में भेजा गया है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही हैंडपंप के प्रदूषित पानी के बारे में कुछ भी आधिकारिक तौर पर कहा जा सकेगा। फिलहाल सारे हैंडपंप को उपयोग न करने के लिए सील कर दिया गया है।

टॅग्स :सिंगरौलीMadhya Pradesh
Open in App

संबंधित खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

क्राइम अलर्टMP News: लॉरेंस गैंग के गुर्गे राजपाल का सरेंडर, फिरौती, फायरिंग जैसे अपराधों को काबूला

भारतमध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने स्कूली छात्रों को बांटे किताबें-साइकिलें, बच्चों पर बरसाए फूल

कारोबारमध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो ने जनवरी 2026 में जोड़े सबसे अधिक मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक: ट्राई

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए