राजनीति के इतिहास में वोट का हक आया, तो एक क्रांति हुई। वोट देना हमारा अधिकार ही नहीं, कर्तव्य भी है, क्योंकि हर वोट जरूरी होता है। चुनाव में सबसे अहम भूमिका वोटर निभाता है, जिनके वोट से तय होता है कौन सी राजनीतिक पार्टी सत्ता में आएगी। क्योंकि हर वोट जरूरी होता है। वोट देना सबका अधिकार है। ये बात आप और हम बखूबी जानते हैं।

कई सालों से वोट दिया और देश के सबसे उम्रदराज वोटर्स के तौर पर जाने जाते हैं। ऐसे मतदाता को देश सलाम भी करता है। ये वोट भी करते हैं और युवाओं को वोट देने के लिए जागरूक भी करते हैं। आपका एक वोट केंद्र सरकार, राज्य सरकार व स्थानीय सरकार का राज तिलक करती है। अत: अपने इस अधिकार का प्रयोग अवश्य करें, ताकि आप अपने सपनों को सरकार कर सकें। 

1- श्याम सरन नेगी, हिमाचल प्रदेश

श्याम सरन नेगी को आजाद भारत के प्रथम वोटर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 1951 में हुए स्वतंत्र भारत के पहले आम चुनाव में सबसे पहला मतदान किया था। उनका जन्म साल 1917 में हुआ था। वर्तमान में श्याम नेगी की उम्र 102 साल हैं। वोटिंग को लेकर आज भी उनका जज्बा टस से मस नहीं हुआ है। वह हिमाचल प्रदेश के कल्पा गांव के रहने वाले हैं। बता दें, उन्होंने हर लोकसभा चुनाव में वोटिंग की है। इसी के साथ वह आज के युवाओं को वोटिंग के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं।

2- अजीबेन चंद्रवादिया, गुजरात

दुनिया की सबसे बूढ़ी वोटर के तौर पर अजीबेन चंद्रवादिया थी। गुजरात के राजकोट में रहने वाली अजिबेन चंद्रवादिया उस वक्त चर्चा में आई थी, जब साल 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी वोटिंग वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने उनकी इस जज्बे की सराहना की। बता दें, उनकी 6 बेटियां और एक बेटा हैं। हालाांकि अब वह हमारे बीच नहीं है। जनवरी 2018 में उनका निधन हो गया। अजिबेन दाई थीं। उन्होंने 700 से ज्यादा स्वस्थ बच्चों की डिलीवरी खुद अपने हाथों से की है। अजिबेन 1891 में पैदा हुई थीं।

3- कृष्णादास वैशनव, मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के कृष्णादास वैशनव भी सबसे उम्रदराज वोटर्स की लिस्ट में शामिल थे। उनकी उम्र 105 साल तक आजादी के बाद से हर लोकसभा चुनाव में अपना वोट देते रहे हैं। साल 1967 में पोस्टल डिपार्टमेंट से रिटायर हुए कृष्णादास दावा करते थे कि वह महात्मा गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से मिले हैं। पुराने अनुभवों को साझा करते हुए बताया था कि मुझे वीवीपैट मशीनों के बारे में ज्यादा नहीं पता। इंदौर के लोगों के लिए वैशनव एक मिसाल हैं, जो उन्हें वोटिंग करने के लिए प्रेरित करते हैं।

4- अजगर अली, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजगर अली भी सबसे उम्रदराज वोटर्स की लिस्ट में आते हैं। उन्हें वोटिंग करने का अधिकार 2016 में प्राप्त हुआ था, जब उनकी उम्र 103 साल की थी। बंगाल और बांग्लादेश के बीच बोर्डर की समस्या रही है। इसके चलते कई सारे लोग भारत के होने के बावजूद भी यहां की सुविधाओं का इस्तेमाल करने से हमेशा वंचित रहें, लेकिन 2016 में अजगर अली पहले इंसान बने, जिन्हें वोट करने का हक मिला। उस एक वोट की क्या कीमत होती हैं, वह अजगर से बेहतर कोई नहीं समझ सकता था। खुद अजगर ने कहा था कि ये वोट करना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं था। अली अपने पोते के साथ रहते हैं। पोता ही उनके साथ पहली बार वोट देने गया था।

5- रोचिंगा, मिजोरम 

मिजोरम के रहने वाले 108 साल रोचिंगा अपने राज्य के सबसे बूढ़े वोटर थे। 2018 में हुए मिजोरम में हुए चुनाव के समय रोचिंगा अपनी बातों के चलते सुर्खियों में रहे थे, उस समय उन्होंने बताया था कि वह कभी चुनाव के वक्त वोट करना नहीं भूलते। उनके अनुसार वोटिंग करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। तभी हम सरकार को कठघरे में खड़े करने का हक रख सकते हैं। बता दें, मिजोरम में रोचिंगा के अलावा दरोह हूनी (106), आइजिकी (104) जैसी बुजुर्ग महिलाएं भी काफी सालों तक अपने वोट दिए थे।


Web Title: lok sabha chunav 2019 know the 5 eldest voters of this chunav