मोदी सरकार के जातिगत जनगणना नही कराने के फैसले पर गरमायी बिहार की सियासत, लालू यादव ने साधा निशाना

By एस पी सिन्हा | Published: September 24, 2021 05:41 PM2021-09-24T17:41:07+5:302021-09-24T17:44:16+5:30

लालू प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर हमला बोलते हुए जातीय जनगणना के पक्ष में ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा अति पिछडों को ठग रही है. 

Lalu Yadav attacks BJP on Modi government decision not to conduct caste census | मोदी सरकार के जातिगत जनगणना नही कराने के फैसले पर गरमायी बिहार की सियासत, लालू यादव ने साधा निशाना

भाजपा और केंद्र पर लालू प्रसाद यादव का हमला (फाइल फोटो)

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Highlightsजातिगत जनगणना नहीं कराने पर लालू यादव बोले- आरएसएस और भाजपा अति पिछडों को ठग रही है.हर जाति के लोग चाहते हैं कि उन्हें पता चले की उनकी संख्या कितनी है, इससे विकास का मार्ग सरल होगा: राजद

पटना: जातिगत जनगणना पर नरेन्द्र मोदी सरकार से उम्मीद लगाए नीतीश कुमार को निराशा हाथ लगी है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जातिगत जनगणना नहीं करवाने का हलफनामा दिया है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा है कि वह जातीय जनगणना के पक्ष में नहीं है. 

इसके बाद बिहार में एक बार फिर से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. राजद इस पर हमलावर है.  राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने ने ट्वीट करते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा अति पिछडों को ठग रही है. 

उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, 'वाह! जनगणना में सांप-बिच्छू, तोता-मैना, हांथी-घोडा, कुत्ता-बिल्ली, सुअर-सियार सहित सभी पशु-पक्षी पेड-पौधे गिने जाएंगे, लेकिन पिछडे-अतिपिछडे वर्गों के इंसानों की गिनती नहीं होगी. वाह! भाजपा/आरएसएस को पिछड़ों से इतनी नफरत क्यों? जातीय जनगणना से सभी वर्गों का भला होगा. सबकी असलियत सामने आएगी.' 

लालू यादव इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने एक और ट्वीट कर लिखा कि, 'भाजपा-आरएसएस पिछडा/अतिपिछडा वर्ग के साथ बहुत बडा छल कर रहा है. अगर केंद्र सरकार जनगणना फ़ॉर्म में एक अतिरिक्त कॉलम जोडकर देश की कुल आबादी के 60 फीसदी से अधिक लोगों की जातीय गणना नहीं कर सकती तो ऐसी सरकार और इन वर्गों के चुने गए सांसदों व मंत्रियों पर धिक्कार है. इनका बहिष्कार हो.' 

बता दें कि, जातिगत जनगणना को लेकर इससे पहले भी लालू यादव का गुस्सा फूटा था.  वहीं राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार के साथ देश के कई राज्य जातिगत जनगणना के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि हर जाति के लोग चाहते हैं कि उन्हें पता चले की उनकी संख्या कितनी है. इससे देश के विकास का मार्ग सरल होगा.

राजद विधायक ने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन में पहले ही कह चुके हैं कि अगर केंद्र जातिगत जनगणना नहीं कराता है, तो राज्य सरकार अपने खर्च पर जातीय जनगणना कराए.  विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार को सलाह दी है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग हो जाएं, और खुद से जनगणना कराएं. 

भाजपा के जातिगत जनगणना पर अपने तर्क

उधर, भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल ने जाति आधारित जनगणना के मसले पर केंद्र सरकार के फैसले को सही बताया है. 

उन्होंने कहा कि 2011 में सामाजिक, आर्थिक जनगणना में सरकार यह देख चुकी है कि जाति आधारित जनगणना कराना फिलहाल पूरी तरह अव्‍यवहारिक है. 

उन्‍होंने कहा कि 2011 की जनगणना जाति का मकसद जातियों का आंकड़ा प्राप्‍त करना नहीं था, लेकिन इसमें लोगों ने चार लाख 28 हजार जातियों का जिक्र कर दिया. इतनी अधिक संख्‍या में जातियों का डाटा प्रोसेस करना आसान नहीं है. बहुत से लोगों को खुद ही यह नहीं पता कि वह सामान्‍य जाति में हैं या ओबीसी में. किसी ने अपना टाइटिल चौहान बताया तो वह सामान्‍य जाति का भी हो सकता है और आरक्षित श्रेणी का भी. 

यहां बता दें कि पिछले महीने बिहार से एक प्रतिनिधि मंडल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने दिल्ली गया था. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) अध्यक्ष जीतनराम मांझी और कांग्रेस नेता अजीत शर्मा के साथ कई बड़े नेता शामिल थे. अब केंद्र की तरफ से उम्मीद टूटती दिखने पर बिहार का विपक्षी दल सक्रिय हो गया है.

Web Title: Lalu Yadav attacks BJP on Modi government decision not to conduct caste census

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