Lal Krishna Advani comment on Not invited in Ram Mandir Bhoomi Pujan Ayodhya | अयोध्या भूमि पूजन में नहीं मिला न्योता, आडवाणी बोले- '1990 के राम मंदिर आंदोलन में शामिल होना ही मेरा सौभाग्य...'
लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के कुछ नेताओं के साथ, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान की पुरानी तस्वीर

Highlightsराम मंदिर भूमि पूजन को लेकर वरिष्ठ BJP नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, कल का दिन भारतीयों के लिए ‘ऐतिहासिक और भावपूर्ण’ दिन है।लालकृष्ण आडवाणी को रामजन्मभूमि आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।

नई दिल्ली:  अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास से ठीक एक दिन पहले वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक की ‘‘राम रथ यात्रा’’ में अपनी भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि यह उनके और सभी भारतीयों के लिए ‘‘ऐतिहासिक और भावपूर्ण’’ दिन है। 92 वर्षीय आडवाणी को कोरोना महामारी के मद्देनजर उनकी उम्र को देखते हुए शिलान्यास समारोह के लिए आमंत्रित सदस्यों की सूची में नहीं रखा गया है। अब लालकृष्ण आडवाणी ने बयान जारी करते हुए कहा है 1990 में राम मंदिर आंदोलन में शरीक होना ही उनके लिए सौभाग्य की बात है।

राम मंदिर एक शांतिपूर्ण सौहार्दपूर्ण राष्ट्र के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा:  लालकृष्ण आडवाणी

पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार (4 अगस्त)  को एक बयान जारी कर कहा कि उनका मानना है कि राम मंदिर एक शांतिपूर्ण सौहार्दपूर्ण राष्ट्र के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा जहां सबके लिए न्याय होगा और कोई भी बहिष्कृत नहीं होगा, ताकि देश ‘‘राम राज्य’’ की ओर अग्रसर हो, जो ‘‘सुशासन का प्रतिमान’’ है। आडवाणी को रामजन्मभूमि आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।

लालकृष्ण आडवाणी, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान की पुरानी तस्वीर
लालकृष्ण आडवाणी, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान की पुरानी तस्वीर

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा- नियति ने मुझे वर्ष 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन में शामिल होने का मौका दिया

भाजपा अध्यक्ष के रूप में राम मंदिर निर्माण के लिए जनता को लामबंद करने के मकसद से आडवाणी ने साल 1990 में ‘‘राम रथ यात्रा’’ निकाली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं विनम्रता का अनुभव करता हूं कि नियति ने मुझे वर्ष 1990 में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा का दायित्व प्रदान किया और इस यात्रा ने असंख्य लोगों की आकांक्षा, उर्जा और अभिलाषा को प्रेरित किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘श्री राम का स्थान भारतीय संस्कृति और सभ्यता की धरोहर में सर्वोच्च है और वे विनीत, मर्यादा और शिष्टाचार के मूर्तरूप हैं। मेरा मानना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को भगवान राम के गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा।’

लालकृष्ण आडवाणी बोले- वक्त लगा लेकिन मेरा सपना पूरा हो रहा है

अब जबकि उनकी यात्रा के तीन दशक के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ होने जा रहा है, आडवाणी ने कहा कि जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेते हैं, लेकिन जब वो चरितार्थ होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा ही एक सपना जो मेरे हृदय के बहुत पास है अब पूरा हो रहा है। राम जन्मभूमि पर श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी का सपना रहा है और मिशन भी।’’

लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के कुछ नेताओं के साथ, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान की पुरानी तस्वीरें
लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के कुछ नेताओं के साथ, राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान की पुरानी तस्वीरें

श्री राम भारत और उसके लोगों को हमेशा आशीर्वाद दें: लालकृष्ण आडवाणी

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वे सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान और बलिदान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस बात की भी खुशी है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गए स्पष्ट निर्णय के स्वरूप राम मंदिर का निर्माण बहुत शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हो रहा है। यह भारतीयों के परस्पर संबंधों को मजबूत करने में बहुत सहायक होगा।’’ आडवाणी ने ‘‘जय श्री राम’’ लिखकर अपने बयान की इतिश्री से पहले उम्मीद जताई ‘‘श्री राम भारत और उसके लोगों को हमेशा आशीर्वाद दें।’’ 

(पीटीआई-भाषा इनपुट के साथ)

Web Title: Lal Krishna Advani comment on Not invited in Ram Mandir Bhoomi Pujan Ayodhya
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