लाइव न्यूज़ :

कश्मीर में आतंकियों की ‘उम्र’ घटी, दो साल में 360 आतंकी ढेर: सीआरपीएफ डीजी

By भाषा | Updated: September 10, 2018 04:30 IST

‘‘आतंकियों की उम्र, जिंदा बचने का समय, बहुत कम है। इसलिए (भर्ती हुए आतंकियों) की संख्या भले ज्यादा हो लेकिन परिणाम सीमित है।’’

Open in App

नई दिल्ली, 10 सितंबर: सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) राजीव राय भटनागर ने कहा है कि सुरक्षा बलों के एक के बाद एक अभियान के कारण कश्मीर घाटी में आतंकियों की ‘‘उम्र’’ घट गयी है और दो साल में ही 360 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। उन्होंने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि घाटी में आतंकी समूहों से जुड़ने वाले स्थानीय नौजवानों की संख्या का आंकड़ा बढ़ा है लेकिन सुरक्षा बल युवाओं को हथियार उठाने से रोकने के लिए सभी मुमकिन तरीके से उन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

भटनागर ने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ ने जम्मू कश्मीर में अपने जवानों की सुरक्षा का स्तर बढ़ा दिया है। समूचे शरीर की हिफाजत के लिए बचाव के साधन, बुलेट प्रूफ वाहन, विशेष बख्तरबंद वाहन के जरिए जवान काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में आतंकी...उनमें से कुछ बाहरी हैं और कुछ दिग्भ्रमित (स्थानीय) युवा हैं, जो आतंकी समूहों से जुड़ रहे हैं। यह मिला-जुला है। संख्या घट-बढ़ सकती है लेकिन अगर आप समय को देखें कि कौन सा आतंकी जम्मू कश्मीर में जिंदा बच रहा है तो संकेत साफ है कि इसका (आतंकियों की भर्ती) कोई असर नहीं है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकियों की उम्र, जिंदा बचने का समय, बहुत कम है। इसलिए (भर्ती हुए आतंकियों) की संख्या भले ज्यादा हो लेकिन परिणाम सीमित है।’’ उनसे पूछा गया था कि आतंकी समूहों द्वारा स्थानीय कश्मीरी युवकों की भर्ती क्या बढ़ रही है और क्या यह चिंता का कारण है। देश के सबसे बड़े अर्द्धसैन्य बल के प्रमुख ने कहा कि युवक इसमें (आतंकी संगठन में) जा रहे हैं क्योंकि इसको लेकर थोड़ा आकर्षण है लेकिन उन्हें समझना होगा उन्हें कोई नतीजा नहीं मिलने वाला।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बस समय की बात है। हमने (उन्हें विमुख करने के लिए) बहुत प्रयास किया है और समर्पण के लिए भी कहा है और उनमें से कई वापस भी आए हैं। उन्हें समझना होगा कि हथियार उठाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।’’ युवाओं के हथियार उठाने पर सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर यह ऐसी चीज है कि हमें इसे रोकना होगा और उपयुक्त कदम उठाना होगा ताकि युवा आतंकी रास्ता अख्तियार नहीं करें और जिन्होंने ऐसा किया है वो वापस आ जाएं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘आधिकारिक संख्या से भर्ती में बढ़ोतरी दिखती है। हालांकि, उन्हें ढेर किये जाने की संख्या में बढ़ोतरी से कुल मिलाकर स्थिति ठीक है।’’ भटनागर ने कहा कि सुशासन, कामकाज में पारदर्शिता और बहुआयामी कदम से जम्मू कश्मीर और घाटी में लोगों और युवाओं में विश्वास बढ़ाने का काम किया जा रहा। 

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रमुख ने कहा कि उनका बल और राज्य पुलिस तथा सेना बेहतर तालमेल से काम कर रहे हैं। कश्मीर घाटी में 60 से ज्यादा बटालियन (60,000 से ज्यादा कमी) तैनात हैं। भटनागर ने कहा कि घाटी में आतंकी परिदृश्य में सुरक्षा बल को बढ़त मिली है । 

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक इकाई के तौर पर काम कर रहे हैं। इससे हमें बहुत कामयाबी मिली है । इस साल 142 आतंकियों को ढेर किया गया। अगर आप पिछले साल के आंकड़े को देखें तो 220 से ज्यादा आतंकी मारे गए। सुरक्षा बलों के बीच बढ़िया तालमेल है और उन्हें बढ़त मिली हुई है। ’’ 

डीजी ने कहा, ‘‘उनके (आतंकियों के) कुख्यात कमांडरों का सफाया हो चुका है। शिविरों पर फिदायीन हमले को असरदार तरीके से रोका गया है। हमने शिविरों (कैंप) पर हमला करने के संदर्भ में भी उन्हें सफल नहीं होने दिया है।’’ 

पैलेट गन के इस्तेमाल और स्थानीय लोगों को उससे हुए नुकसान के बारे में पूछे जाने पर भटनागर ने कहा कि इन गोला-बारूदों को नहीं छोड़ा जा रहा लेकिन इसके इस्तेमाल के लिए एक तय मानक संचालन प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘‘जिस क्रम में हम बल का प्रयोग करते हैं वह निर्धारित है। हम आंसू गैस के गोले छोड़कर और गैर घातक गैस के इस्तेमाल के जरिए उन्हें (प्रदर्शनकारियों) तितर-बितर करते हैं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए सबसे पहले समुचित बंदोबस्त से हमारा पूरा प्रयास उन्हें तितर-बितर करने का होता है। इसके अलावा हमारे पास बड़ी संख्या में प्लास्टिक बुलेट भी है जिसका इस्तेमाल किया जाता है।’’ सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा कि पैलेट गन का इस्तेमाल वहां किया जाता है जहां पर भीड़ को हटाने के लिए इसका इस्तेमाल करना जरूरी होता है। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीर समाचारभारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारत अधिक खबरें

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत