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BJP कोर कमेटी में व्यापक बदलाव के आसार, जेपी नड्डा को मिल सकता है इनाम

By हरीश गुप्ता | Updated: May 29, 2019 11:40 IST

संकेत हैं कि संसदीय बोर्ड के प्रभारी महासचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को राज्यसभा का नेता या पार्टी अध्यक्ष बनने की स्थिति में कोर कमेटी में शामिल किया जा सकता है। नड्डा पार्टी आलाकमान  के भरोसेमंद रहे हैं और लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान वह उत्तर प्रदेश के प्रभारी थे

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ठळक मुद्देसूत्रों का कहना है कि सुषमा से शामिल नहीं होने की स्थिति में किसी दूसरी महिला को संसदीय बोर्ड में लाया जाएगा। तीसरी बार सांसद बनीं निवर्तमान कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी बीजेपी शीर्ष निकाय में शामिल होने की दावेदार हैं।

राजधानी में इन दिनों भाजपा की कोर कमेटी में बड़े बदलाव की कयासबाजी तेज है। एम वेंकैया नायडू 2017 में उपराष्ट्रपति बनने के कारण इस शीर्ष निकाय से अलग चुके हैं जबकि निवर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्वास्थ्य कारणों से खुद को अस्थायी रूप से बाहर कर लिया है। 

कोर कमेटी में इनके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी शामिल रहे हैं। नायडू के कोर कमेटी से निकलने के कारण रिक्त स्थान नहीं भरा गया था।

संकेत हैं कि संसदीय बोर्ड के प्रभारी महासचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को राज्यसभा का नेता या पार्टी अध्यक्ष बनने की स्थिति में कोर कमेटी में शामिल किया जा सकता है। नड्डा पार्टी आलाकमान  के भरोसेमंद रहे हैं और लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान वह उत्तर प्रदेश के प्रभारी थे। उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका कद और बढ़ गया है। कोर कमेटी की कसौटी यह थी कि 75 साल के कम उम्र के पार्टी के सबी अध्यक्ष इसके सदस्य होंगे। जेटली को राज्यसभा के नेता रूप में शामिल किया गया था। भाजपा में कोर कमेटी की अवधारणा अटल बिहारी वाजपेयी युग में विकसित हुई थी जो मोदी युग में भी जारी रही।

भाजपा का संसदीय बोर्ड सुषमा स्वराज, थावर चंद गहलोत, शिवराज सिंह चौहान, जेपी नड्डा और राम लाल जैसे सदस्यों के साथ एक बड़ा निकाय है। भाजपा के लिए प्रतिभा की कमी चिंता की मुख्य वजह है क्योंकि लोकसभा सांसद चुने गए उसके 303 सदस्यों में से 100 से अधिक नए सदस्य हैं। वहीं अप्रैल 2020 में राज्यसभा में भी 60 नए चेहरे दिखेंगे।

...तो संसदीय बोर्ड में बनी रहेंगी सुषमा स्वराज

रविशंकर प्रसाद का नाम भी चर्चा में है। अगर निवर्तमान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सरकार में शामिल होती हैं, तो वह संसदीय बोरड् की सदस्य बनी रहेंगी जो इस शीर्ष निकाय की इकलौती महिला सदस्य हैं। सूत्रों का कहना है कि सुषमा से शामिल नहीं होने की स्थिति में किसी दूसरी महिला को संसदीय बोर्ड में लाया जाएगा। वरिष्ठता के अनुसार, तीसरी बार सांसद बनीं निवर्तमान कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी शीर्ष निकाय में शामिल होने की दावेदार हैं। वहीं, निर्मला सीतारमण पहली बार संसद पहुंचकर रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

अहम फैसले करने वाला निकाय

भाजपा और सरकार से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले के लिए जब भी जरूरत पड़ती है तो कोर कमेटी संक्षिप्त सूचना पर बैठक करती है। बाद में आवश्यकता पड़ने पर पार्टी का संसदीय बोर्ड इन निर्णयों को अनुमोदित करता है।

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