Jammu-Kashmir Terror Attack: जनवरी 2023 के बाद आतंकी हिंसा में जम्मू संभाग में मरने वालों का आंकड़ा दोगुना हुआ

By सुरेश एस डुग्गर | Published: June 15, 2024 02:38 PM2024-06-15T14:38:46+5:302024-06-15T14:39:26+5:30

Jammu-Kashmir Terror Attack:  अप्रैल 2023 में जब पुंछ में आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया तो पांच सैनिक शहीद हो गए। इस साल 9 जून को तीर्थयात्रियों की बस पर हमले के बाद से आतंकी हमले जारी हैं।

Jammu-Kashmir Terror Attack After January 2023, the death toll in Jammu division due to terrorist violence doubled | Jammu-Kashmir Terror Attack: जनवरी 2023 के बाद आतंकी हिंसा में जम्मू संभाग में मरने वालों का आंकड़ा दोगुना हुआ

Jammu-Kashmir Terror Attack: जनवरी 2023 के बाद आतंकी हिंसा में जम्मू संभाग में मरने वालों का आंकड़ा दोगुना हुआ

Jammu-Kashmir Terror Attack:  यह सबकी चिंता का विषय हो सकता है कि पिछले साल जनवरी महीने से लेकर अब तक होने वाली आतंकी हिंसा में जम्मू संभाग में मरने वालों का आंकड़ा दोगुना हो गया है। और अब चिंता इस बात की है कि अगर जम्मू संभाग आतंकियों ने निशाने पर यूं ही बना रहा तो जम्मू संभाग कश्मीर के हिंसा के आंकड़ों से आगे निकल सकता है। यह बात अलग है कि मरने वालो में सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों के अतिरिक्त आतंकियों के आंकड़े भी शामिल हैं।

दरअसल अब आतंकियों ने अपना ध्यान कश्मीर से हटा जम्मू पर केंद्रित कर दिया है। बीते दिनों में जम्मू क्षेत्र में कई आतंकी हमले हुए हैं इसमें कई लोगों की मौत हो गई। यही कारण है कि जम्मू क्षेत्र में जनवरी 2023 के बाद से कश्मीर में आतंकी घटनाओं में नागरिकों और शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।

आंकड़े कहते हैं कि जम्मू क्षेत्र में जनवरी, 2023 से आतंक की 29 घटनाओं में 42 नागरिक और सुरक्षाकम्रियों की मौत हुई है। जो जनवरी 2023 से कश्मीर में होने वाली ऐसी मौतों की संख्या से लगभग दोगुनी है। दक्षिण एशिया आतंकवाद पोर्टल से पता चलता है कि 13 जून, 2024 तक कश्मीर के अनंतनाग, श्रीनगर, बारामुल्ला, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां जिलों में 24 नागरिक और सुरक्षाकर्मी आतंकी हमलों का शिकार हुए हैं।

आंकड़ों पर एक नजर डालें तो 1 जनवरी, 2023 और 13 जून, 2024 के बीच कश्मीर में 24 की तुलना में जम्मू कश्मीर में कम-से-कम 42 नागरिक और सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। इसी अवधि के दौरान, राजौरी में 17 नागरिकों की जानें गईं। जबकि पुंछ, राजौरी, कठुआ, रियासी और उधमपुर जिलों में मुठभेड़ों और घात लगा किए  हमलों में 25 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। आतंक संबंधी घटनाओं में कम-से-कम 53 नागरिक और सेना, केरिपुब और जम्मू कश्मीर पुलिस के 29 के जवान घायल हो गए थे।

यह भी सच है कि 2012 से जम्मू कश्मीर के रियासी में किसी भी आतंकी घटना में कोई नागरिक या सुरक्षाकर्मी शहीद नहीं हुआ था, लेकिन 9 जून को स्थिति बदल गई। 9 जून को आतंकियों ने तीर्थयात्रियों की बस पर हमला कर दिया था, जिसमें 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 41 अन्य लोग घायल हो गए। इससे संकेत मिलता है कि जम्मू पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों का नया केंद्र बनता जा रहा है।

वहीं, पीर पंजाल रेंज के जंगलों में महीनों तक चले आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगभग एक दर्जन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। अप्रैल 2023 में जब पुंछ में आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया तो पांच सैनिक शहीद हो गए। इस साल 9 जून को तीर्थयात्रियों की बस पर हमले के बाद से आतंकी हमले जारी हैं। यह अब अन्य जिलों में भी तेज हो गए हैं। पीर पंजाल रेंज के दक्षिण में स्थित जिलों में 29 आतंकी हमले और एंटी टेरर सर्च आपरेशन हुए, जिसके परिणामस्वरूप नागरिक व सुरक्षाबलों के जवान शहीद या घायल हो गए।

आतंकियों के इन इरादों को समझना कई भारतीय के मन में कई सवाल हैं कि जम्मू क्षेत्र को आतंकी निशाना क्यों बना रहे हैं? दरअसल आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र और फंडिंग पर कार्रवाई के कारण कश्मीर में काम करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। इसके अलावा पीर पंजाल के जंगल घुसपैठियों के लिए प्राकृतिक छिपने की जगह के रूप में काम करते हैं।

जानकारी के लिए जम्मू कश्मीर के हिंदू बहुल जम्मू संभाग में आतंकियों का ध्यान शिफ्ट होने की रणनीति तब स्पष्ट हुई,  जब आतंकियों ने 2023 के पहले दिन राजौरी के डूंगरी गांव में पांच लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में आतंकियों द्वारा लगाए गए बम में ब्लास्ट के कारण दो बच्चों की मौत हो गई थी।

Web Title: Jammu-Kashmir Terror Attack After January 2023, the death toll in Jammu division due to terrorist violence doubled

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