गहलोत ने पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में कमी लाने के लिये प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

By भाषा | Published: July 22, 2021 10:23 PM2021-07-22T22:23:08+5:302021-07-22T22:23:08+5:30

Gehlot wrote a letter to the Prime Minister to bring down the prices of petrol, diesel and LPG | गहलोत ने पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में कमी लाने के लिये प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

गहलोत ने पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में कमी लाने के लिये प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

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जयपुर, 22 जुलाई राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेट्रोल एवं डीजल की बेतहाशा बढ़ती कीमतों तथा रसोई गैस सिलेण्डर पर दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त किये जाने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने महंगाई से त्रस्त आमजन को तत्काल राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है।

गहलोत ने लिखा है कि देश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत करने वाले (बीपीएल) परिवारों को स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने के लिए केंद्र ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना शुरू की थी, लेकिन रसोई गैस के दाम बढ़ने के कारण यह योजना गरीब परिवारों को राहत देने में विफल साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि कोविड के कारण आजीविका के संकट से जूझ रहे गरीब लोग रसोई गैस पर सबसिडी समाप्त होने से सिलेण्डर के दाम चुकाने में असमर्थ हो गए हैं। इसके चलते सिलेण्डर रिफिल कराने वाले उपभोक्ताओं के प्रतिशत में निरंतर कमी आ रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सब्सिडी समाप्त करने से घरेलू रसोई गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है, वह उपभोक्ताओं के लिए असहनीय है। इससे लोगों के घर का बजट गड़बड़ा गया है और लोगों के लिए गैस सिलेण्डर रिफिल करवाना बूते से बाहर होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनवरी 2013 में घरेलू गैस के एक सिलेण्डर की कीमत 865 रुपए थी, जिस पर 477 रुपए सब्सिडी मिल रही थी और उपभोक्ता को मात्र 388 रुपए प्रति सिलेझडर खर्च करना होता था। पिछले 18 महीनों से उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं दी जा रही है। मजबूरन गरीब एवं मध्यम-वर्गीय परिवारों की महिलाएं खाना पकाने के लिए लकड़ी एवं अन्य परम्परागत ईंधन का उपयोग कर रही हैं जिससे उनके स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

गहलोत ने कहा कि जनवरी 2013 में पेट्रोल की कीमत 70 रुपए 81 पैसे प्रति लीटर तथा डीजल की कीमत 49 रुपए 33 पैसे प्रति लीटर थी, जो वर्तमान में क्रमशः 108 रुपए 21 पैसे प्रति लीटर तथा 99 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इससे परिवहन लागत में वृद्धि हुई है जिससे माल एवं सेवाओं की लागत भी बढ़ गई है। खुदरा महंगाई दर पिछले कुछ समय में 6 फीसदी से अधिक है, जिसकी मुख्य वजह पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें हैं।

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Web Title: Gehlot wrote a letter to the Prime Minister to bring down the prices of petrol, diesel and LPG

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