नई दिल्ली, 22 मईः भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज दुनिया के 10 दिग्गज नेताओं की लिस्ट में नाम शामिल है। उन्हें कड़े फैसले लेने के लिए भी विश्व जानता है, लेकिन वह जितना कठोर हैं उतना ही भावुक हैं। गुजरात से संबंध रखने वाले पीएम मोदी दिल्ली की कुर्सी पर बैठने के बाद कई दफा भावुक हुए और अपना दर्द बयां करते-करते उनकी आंखों से आंसू छलके हैं। वे 26 मई को अपनी सरकार के चार साल पूरे कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी कब-कब भावुक हुए हैं...

पीएम बनने से पहले हुए भावुक

प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी के लिए गुजरात विधानसभा में विशेष सत्र का आयोजन रखा गया था। इस दौरान वे फेयरवेल स्पीच में विपक्ष की तारीफ कर रहे थे। तारीफ करते ही करते उनके आंखों से आंसू छलक पड़े थे। इस सत्र में विपक्षी नेताओं ने उन्हें अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी थीं।

संसदीय दल का नेता चुने जाने पर हुए भावुक

पीएम मोदी उस समय भी भावुक हुए जब उन्हें 2014 में बीजेपी के संसदीय दल का नेता चुना गया। दरअसल, यहां हुए ये कि संसद के सेंट्रल हॉल में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भाषण दे रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा कि नरेंद्र भाई ने कृपा की है। इसके बाद जब पीएम मोदी भाषण देने खड़े हुए तो उन्होंने रूंधे गले से कहा कि आडवाणी जी कृपा शब्द का प्रयोग न करें। मां की सेवा कभी कृपा नहीं हो सकती, मेरे लिए बीजेपी मां समान है और मैं उसकी सेवा करना चाहता हूं। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे।
 

संविधान चर्चा के दौरान हुए भावुक

साल 2015 नवंबर में संविधान को लेकर संसद में चर्चा की जा रही थी। इसी दौरान पीएम मोदी उस पर अपना विचार रख रहे थे। संविधान पर चर्चा करते समय उन्होंने बाबासाहेब आम्बेडकर का नाम लिया और आंखें भर आई थीं।

मार्क जकरबर्ग  के सवाल पर हुए भावुक

पीएम मोदी फेसबुक हेडक्वॉर्टर गए और मार्क जकरबर्ग से मुलाकात की। वहीं, उनसे जुकरबर्ग ने उनके जीवन से लेकर कई सवाल पूछे थे। इस दौरान अपनी मां पर एक सवाल का जवाब देते वक्त उनकी आंखें भर आई थीं। अपनी मां के संघर्ष के बारे में बताते-बताते पीएम मोदी काफी भावुक हो गए थे।

रोहित वेमुला मौत के मामले छलके आंसू

पीएम मोदी रोहित वेमुला की मौत का जिक्र करते समय भी भावुक हो गए थे। वह बाबासाहेब भीमराव आम्बेडर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा था कि एक मां ने अपना बेटा खोया है, इसका दर्द वह महसूस कर सकते हैं।

बंगाल विजिट के दौरान हुए भावुक

बंगाल विजिट के दौरान पीएम मोदी पहली बार बेलूर मठ गए थे। इस दौरान उनके लिए खासतौर पर मठ में स्वामी विवेकानंद का कमरा खोला गया। कमरे को देखते ही पीएम मोदी के आंखों में आंसू आ गए थे। 

नोटबंदी पर मचा बवाल, तब हुए भावुक

पीएम मोदी नरेंद्र मोदी 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की थी। इस बड़े फैसले को लेने के बाद उन्होंने पहली बार 13 नवंबर को गोवा में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने घर-परिवार सब देश के लिए छोड़ दिया। यह कहते समय उनका गला रुंध गया था।

गुजरात और हिमाचल चुनाव के बाद हुए भावुक

साल 2017 के दिसंबर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे। दरअसल, वह गुजरात में बीजेपी के संघर्ष के दिनों और अटल बिहारी वाजपेयी के कामकाज को याद कर कर रहे थे। इस दौरान भावुक हो गए। उन्होंने कहा था कि एक वक्त इंदिरा गांधी की 18 राज्यों में सरकार थी, अब हमारी 19 राज्यों में है। 

English summary :
Four Years of Modi Government Report Card: Indian Prime Minister Narendra Modi's name is included in the list of top 10 world leaders. He is also known for his tough decisions, but they are equally as emotional as they are


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