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434 दिन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती रिहा, पिछले साल 4 अगस्त से नजरबंद थीं

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: October 13, 2020 22:13 IST

जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने यह जानकारी दी की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा किया जा रहा है।

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ठळक मुद्देकेंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य को दो टुकड़ो में बांटने के साथ ही उसका विशेष दर्जा छीन लिया था।पिछले साल पांच अगस्त के सरकार के फैसले से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था।

जम्मूः जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को रिहा करने के आदेश जारी कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने यह जानकारी दी की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा किया जा रहा है। एक साल से अधिक समय तक हिरासत में रहीं।

महबूबा को पिछले साल 4 अगस्त को उस समय नजरबंद कर दिया गया था जब केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य को दो टुकड़ों में बांटने के साथ ही उसका विशेष दर्जा छीन लिया था। महबूता मुफ्ती को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने संबंधी संविधान के अनुच्छेद 370 के अनेक प्रावधान समाप्त करने और इस राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभक्त करने के पिछले साल पांच अगस्त के सरकार के फैसले से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था।

महबूबा मुफ्ती को 434 बाद रिहा किया गया है। महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बाद उनकी बेटी इल्तिजा ने उनके ही ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कठिन समय में साथ देने वालों को धन्यवाद दिया। पीडीपी अध्यक्ष एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को उनके विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाये गये आरोपों को इस केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा हटा लिए जाने के बाद मंगलवार रात को रिहा कर दिया गया।

पिछले साल अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाये जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। उच्चतम न्यायालय में उन्हें हिरासत में रखने से जुड़े मामले पर अगली सुनवाई होने से महज दो दिन पहले यह कदम उठाया गया है। उपायुक्त ने आदेश दिया कि तत्काल प्रभाव से महबूबा से पीएसए हटाया जाए। उनकी हिरासत इस साल 31 जुलाई को तीन महीने के लिए बढ़ा दी गयी थी। महबूबा (60) को पिछले साल पांच अगस्त को पहले एहतियाती हिरासत में रखा गया था और बाद में छह फरवरी को उन पर कठोर पीएसए कानून लगा दिया गया।

उन्हें सात अप्रैल को उनके सरकारी निवास में ले जाया गया जिसे प्रशासन ने पहले उप-जेल घोषित किया था। उनकी बेटी इल्तिजा ने खुशी प्रकट करते हुए कहा कि उनकी मां आखिरकर हिरासत से मुक्त कर दी गयीं। इल्तिजा ने हिरासत को ‘‘अवैध, गैर कानूनी’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अब आशा करती हूं कि केंद्रशासित प्रदेश और उसके बाहर विभिन्न जेलों में साल भर से रखे गए युवा भी शीघ्र ही रिहा किए जाएं।’’

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर खुशी जाहिर की है। उमर अब्दुल्ला ने महबूबा का स्वागत करते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि उन्हें निरंतर हिरासत में रखा जाना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ था।

टॅग्स :धारा ३७०महबूबा मुफ़्तीआर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)जम्मू कश्मीरगृह मंत्रालय
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