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एम्स विशेषज्ञ 17 राज्य के अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों को देंगे मार्गदर्शन

By भाषा | Updated: July 8, 2020 21:16 IST

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स के डॉक्टरों से संर्पक कर राज्य के अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों को कोरोना को लेकर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कहा है। ऐसा मृत्यु दर को कम करने के प्रयास के तहत किया गया है।

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ठळक मुद्देकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने (एम्स विशेषज्ञ डॉक्टरों से सम्पर्क किया है। एम्स विशेषज्ञ 17 राज्यों के चिकित्सकों का कोविड-19 पर नैदानिक प्रबंधन को लेकर मार्गदर्शन करेंगे।

नयी दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य के अस्पतालों में आईसीयू में तैनात डॉक्टरों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए यहां स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञ डॉक्टरों से सम्पर्क किया है। ऐसा मृत्यु दर को कम करने के प्रयास के तहत किया गया है। वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये ऐसा पहला सत्र आज आयोजित होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि चिकित्सक विभिन्न राज्यों के अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन को लेकर वीडियो कान्फ्रेंस या टेली-परामर्श सत्र के जरिये दिशानिर्देश मुहैया कराएंगे।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘वे मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कोविड-19 मरीजों के नैदानिक प्रबंधन में राज्यों की मदद करेंगे। राज्यों में डॉक्टरों को समय पर और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए ये टेली-परामर्श सत्र प्रत्येक सप्ताह में दो बार मंगलवार और शुक्रवार को आयोजित किए जाएंगे।’’ एक हजार से अधिक बिस्तरों वाले दस अस्पताल पहले सत्र में भाग लेंगे जिसमें मुंबई (महाराष्ट्र) से नौ और गोवा का एक अस्पताल शामिल है।

मंत्रालय ने कहा, "कोविड-19 को लेकर अपनी समग्र प्रतिक्रिया और प्रबंधन रणनीति के तहत केंद्र सभी कोविड-19 रोगियों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करके मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।" चयनित अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के लिए 1000 से अधिक बेड हैं जिनमें पृथक बेड, ऑक्सीजन आपूर्ति वाले और आईसीयू बेड शामिल हैं।

आज के सत्र का नेतृत्व डॉ. आनंद मोहन, एचओडी, पल्मोनरी मेडिसिन, एम्स, दिल्ली करेंगे। इस टेली-परामर्श कवायद को अन्य 61 अस्पतालों के लिए सप्ताह में दो बार के आधार पर विस्तारित किया जाएगा जिनकी बिस्तर क्षमता 500-1000 तक है। 31 जुलाई तक राज्यों को इसके तहत लाने के लिए इन विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले टेली-परामर्श सत्रों का एक कार्यक्रम तैयार किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली, गुजरात, तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, हरियाणा, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, झारखंड और महाराष्ट्र सहित कुल 17 राज्यों को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसमें कहा गया है कि संबंधित राज्य के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) के साथ प्रत्येक अस्पताल से आईसीयू के मरीजों को संभालने वाले दो डॉक्टर इस सत्र में शामिल होंगे। 

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