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विधानसभा की सदस्यता समाप्त करना मेरी राजनीतिक हत्या का प्रयास: प्रहलाद लोधी

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: November 9, 2019 04:50 IST

यह बात हाल ही में विधानसभा की सदस्यता से निलंबित किए गए विधायक प्रहलाद लोधी ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कही.

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ठळक मुद्देलोधी ने कहा कि विधानसभा के सदस्य के रूप में बहाली हाईकोर्ट के फैसले के बाद हमारा अधिकार है. उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने उनकी चर्चा हुई है. फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं.

भोपाल की विशेष अदालत ने जब मुझे सजा सुनाई थी तो अपील के लिए 12 दिसंबर तक का समय दिया था और मुझे जमानत भी दे दी थी. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को थोड़ा इंतजार करना था, सदस्यता समाप्त करने से पहले मुझे नोटिस देना था, मुझसे बात करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मेरी विधानसभा की सदस्यता समाप्त करना मेरी राजनीतिक हत्या का प्रयास है. मुझे कांग्रेस द्वारा अपने पक्ष में लाने के लिए करोड़ों रुपए देने का प्रलोभन भी दिया गया था.

यह बात हाल ही में विधानसभा की सदस्यता से निलंबित किए गए विधायक प्रहलाद लोधी ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कही. लोधी ने कहा कि विधानसभा के सदस्य के रूप में बहाली हाईकोर्ट के फैसले के बाद हमारा अधिकार है. इस मामले में जो भी करना होगा वो प्रदेश नेतृत्व की राय पर और मार्गदर्शन पर ही करूंगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने उनकी चर्चा हुई है. फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं. इसके बाद न्यायालय के आदेश की कापी विधानसभा अध्यक्ष एवं निर्वाचन आयोग तक पहुंचाएंगे.

पहले भी बहाल हुई है सदस्यता

लोधी ने कहा कि विधानसभा की सदस्यता बहाल होना कोई नई बात नहीं है. उनके पहले भी गुजरात में ऐसा हुआ है. मध्यप्रदेश में भी हुआ है. जब अन्य लोगों की सदस्यता बहाल हुई है, तो मेरी भी सदस्यता बहाल होगी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्टे देकर 7 जनवरी 2020 तक दंडादेश पर रोक लगाई है. लेकिन 7 जनवरी के बाद भी मुझे विश्वास है कि फैसला मेरे हक में ही होगा.

कांग्रेस ने दिया था प्रलोभन

लोधी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के समय उन्हें कांग्रेस ने अपने पक्ष में लाने के लिए करोड़ों रुपए का प्रलोभन दिया था. चूंकि उस समय वे नए थे और ज्यादा अनुभव नहीं था, इसलिए कांग्रेस के पैतरों को समझ नहीं पाए और उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से भी इसकी चर्चा नहीं की थी. 

टॅग्स :मध्य प्रदेशभोपालभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेस
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