Highlightsकमल हासन ने एक चुनावी सभा में कहा कि देश का पहला आतंकी हिन्दू था, उसका नाम नाथूराम था।साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के भोपाल से भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से ही 'हिन्दू आतंकवाद' चुनावी मुद्दा बना हुआ है।

लोकसभा चुनाव 2019 में 'हिन्दू आतंकवाद' चर्चित मुद्दा बना हुआ है। अब इसपर फिल्म अभिनेता और नेता कमल हासन का नाथूराम गोडसे पर दिया बयान विवादों में घिर गया है। सोमवार को कमल हासन ने तमिलनाडु की अरवाकुरुचि विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के प्रचार के दौरान कहा कि आजाद भारत का पहला आतकंवादी 'हिन्दू' था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। 

कमल हासन ने कहा, "यहाँ मुस्लिम हैं इसलिए मैं ऐसा बयान नहीं दे रहा। मैं महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने खड़ा हूँ इसलिए यह बात कह रहा हूँ। आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिन्दू था, उसका नाम नाथूराम गोडसे था।"

नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को एक प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी की गोलीमारकर हत्या कर दी थी। 

लेकिन कमल हासन पहले सेलेब्रिटी नहीं हैं जिसने नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला 'आतंकवादी' बताया है। 

इससे पहले ओमकारा, ब्लू अंब्रेला, मकबूल जैसी फिल्मों के निर्देशक विशाल भारद्वाज ने भी नाथूराम गोडसे को स्वतंत्र भारत का पहला आतंकवादी बताया था। 

नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बताने वाला <a href='https://www.lokmatnews.in/topics/vishal-bhardwaj/'>विशाल भारद्वाज</a> का ट्वीट। (twitter screenshot)
नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बताने वाला विशाल भारद्वाज का ट्वीट। (twitter screenshot)
19 अप्रैल को विशाल भारद्वाज ने ट्वीट किया था, "एक दोस्त ने पूछा कि स्वतंत्र भारत का पहला आतंकवादी कौन था? मैंने विचार किया और पाया कि वह गोडसे था।"

गोडसे पर विशाल भारद्वाज के ट्वीट पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इन प्रतिक्रियाओं पर रिएक्ट करते हुए विशाल भारद्वाज ने 20 अप्रैल को एक और ट्वीट किया और अपने पिछले बयान का बचाव किया।

20 अप्रैल को भारद्वाज ने ट्वीट किया, "अगर आप वैचारिक मतभेद के आधार पर किसी की हत्या करते हैं तो क्या आप उन लोगों को आतंकित नहीं कर रह हैं जो आपसे असहमत हैं? अगर यह आतंकवाद नहीं है तो क्या है?"

कौन था नाथूराम गोडसे?

नाथूराम गोडसे पर कमल हासन का बयान (ANI screenshot)
नाथूराम गोडसे पर कमल हासन का बयान (ANI screenshot)
नाथूराम गोडसे का जन्म 19 मई 1910 को ब्रिटिश भारत के बॉम्बे प्रेसिडेंसी में हुआ था। गोडसे हिन्दुत्ववादी विचारधारा का कट्टर समर्थक था। वो हिन्दू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा रहा था। गोडसे पर वीर विनायक दामोदर सावरकर का गहरा प्रभाव था। 

गोडसे ने 30 जनवीर 1948 को नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवम में महात्मा गांधी की हत्या कर दी। 

गांधीजी की हत्या के दोषी गोडसे को आठ नवंबर 1949 को फांसी दी गई। 

'हिन्दू आतंकवाद' चुनावी मुद्दा

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव बम धमाके मे आरोपी हैं। इस धमाके में 40 लोगों की मौत हुई थी।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव बम धमाके मे आरोपी हैं। इस धमाके में 40 लोगों की मौत हुई थी।
लोकसभा चुनाव में 'हिन्दू आतंकवाद' प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाया। ठाकुर के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उम्मीदवार हैं।

प्रज्ञा ठाकुर के चुनावी अखाड़े में उतरते ही 'हिन्दू आतंकवाद' का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया। 

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मालेगाँव बम धमाके में आरोपी हैं। महाराष्ट्र के मालेगाँव स्थित एक मस्जिद में हुए बम धमाके में 40 लोगों की मौत हो गयी थी और 125 लोग घायल हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह प्रज्ञा ठाकुर के पक्ष में बयानबाजी करते रहे हैं। भाजपा नेता कांग्रेस पर 'हिन्दू आतकंवाद' जुमला गढ़ने का आरोप लगाती रही है।

वहीं कांग्रेस बचाव में कहती रही है कि 'हिन्दू आतंकवाद' जुमले का प्रयोग सबसे पहले गृह मंत्रालय के अधिकारी आरके सिंह ने किया था जो अब भाजपा के सांसद और मोदी कैबिनेट में मंत्री हैं।  


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