लाइव न्यूज़ :

जम्मू में कंटीली तारों के घेरे में अता हुई नमाज, कर्फ्यू ढील में मनाई गई ईद-उल-अजहा

By सुरेश डुग्गर | Updated: August 12, 2019 16:54 IST

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को केन्द्र सरकार द्वारा समाप्त किए जाने के बाद से घाटी में प्रतिबंध लगे हुए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित है। जबकि कुर्बानी व आस्था का प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) जम्मू में हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। 

Open in App
ठळक मुद्देइस बार जम्मू कश्मीर में बकरीद का त्योहार अलग ही रंग में दिखा। जहां कश्मीर में कर्फ्यू में दी गई मात्र दो घंटों की ढील और हजारों संगीनों के साये में ईद की नमाज अता की गई।जम्मू संभाग में प्रत्येक शहर और कस्बे को कंटीली तारों के घेरे में रखा गया था।

इस बार जम्मू कश्मीर में बकरीद का त्योहार अलग ही रंग में दिखा। जहां कश्मीर में कर्फ्यू में दी गई मात्र दो घंटों की ढील और हजारों संगीनों के साये में ईद की नमाज अता की गई। वहीं जम्मू संभाग में प्रत्येक शहर और कस्बे को कंटीली तारों के घेरे में रखा गया था। संचार के सभी संसाधन बंद होने के कारण कश्मीर वादी समेत अन्य जिलों से ईद की नमाज के दौरान के हालात की कोई अधिकृत जानकारी नहीं है सिवाय पुलिस और प्रशासन के प्रवक्ताओं के दावे के। 

इसी प्रकार जम्मू कश्मीर पुलिस ने ट्वीट किया कि घाटी के अनेक हिस्सों में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। उनके अनुसार, अधिकारियों ने विभिन्न मस्जिदों में मिठाइयां भी बांटी। ईद उल जुहा की पूर्वसंध्या में घाटी में प्रतिबंधों में थोड़ी छूट दी गई थी, ताकि लोग त्योहार के लिए खरीदारी कर सकें। 

गौरलतब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को केन्द्र सरकार द्वारा समाप्त किए जाने के बाद से घाटी में प्रतिबंध लगे हुए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित है। जबकि कुर्बानी व आस्था का प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) जम्मू में हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। 

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद की नमाज अता कर अमन चैन की कामना की। हालांकि इस दौरान शहर की सभी मस्जिदों जहां ईद की नमाज अदा की जानी थी, वहां सुरक्षा के कडे़ प्रबंध रहे। नमाज अदा होने तक शहर को कंटीली तारों से बंद रखा गया था ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह पहला त्यौहार था। मुख्य नमाज ईदगाह मैदान में हुई जहां सैकड़ों लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की।

जम्मू कश्मीर सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा कि रविवार को लोग खरीददारी के लिए घर से बाहर निकले थे। कुछ लोग श्रीनगर जाना चाहते थे। हम ऐसे लोगों को श्रीनगर जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। पाबंदी के बावजूद लोगों को छूट दी जा रही है। इस संबंध में पुलिस ने भी स्पष्ट किया है। मैं सभी को ईद की शुभकामनाएं देता हूं।

जम्मू में महिलाओं के लिए नमाज अता करने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। वहीं शिया समुदाय ने करबला मैदान में नमाज अता की। इसके बाद जामा मस्जिद तालाब खटिका, उस्ताद मुहल्ला, वजारत रोड स्थित जैनबिया हॉल में भी नमाज पढ़ने वालों की भीड़ रही। दुआ कबूल होने के बाद हर तरफ ईद मुबारक का स्वर सुनाई दे रहा था। इस अवसर पर सुरक्षा के प्रबंध पुख्ता किए गए थे।

टॅग्स :बक़रीदधारा ३७०जम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारलेह हवाई अड्डाः उड़ान की संख्या 8 से बढ़कर 18 किया?, रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने के इंतजार में लद्दाख

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे