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उज्जैन में पुलिसकर्मी ने डॉक्टर को थप्पड़ मारा,आक्रोश में आकर काम किया बंद, बाद में लौटे

By बृजेश परमार | Updated: July 1, 2020 20:58 IST

घटना से नाराज डाक्टरों एवं ओपीडी स्टाफ ने आक्रोश में आकर काम बंद कर दिया था। सिविल सर्जन डा.आरपी परमार के समझाइश से काम शुरू हुआ था।

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ठळक मुद्देसिविल अस्पताल की फ्लू ओपीडी में ई एन टी स्पेशलिस्ट इंचार्ज डॉ. अमित पाटीदार मरीजों का इलाज कर रहे थे। पुलिस लाइन में पदस्थ राजू निकाडे नामक पुलिसकर्मी ओपीडी में आया। उसने डाक्टर के बारे में पूछा।डॉ. पाटीदार ने उसे अपना परिचय दिया। जांच की और उसे पुन: पुलिसकर्मी को जनरल ओपीडी में जांच के लिए परामर्श दिया।

उज्जैनः डॉक्टरर्स-डे पर आमजन डाक्टरों को संदेश से सम्मान देते रहे ,लेकिन राजू निकाडे नाम के पुलिसकर्मी ने जिला अस्पताल की फ्लू ओपीडी में डा. अमित पाटीदार से झूमाझटकी की और मारपीट की है।

पुलिसकर्मी के डाक्टरों को लेकर अभद्र शब्दों के उपयोग बताया जा रहा है। घटना से नाराज डाक्टरों एवं ओपीडी स्टाफ ने आक्रोश में आकर काम बंद कर दिया था। सिविल सर्जन डा.आरपी परमार के समझाइश से काम शुरू हुआ था।

सिविल सर्जन डा. आरपी परमार के अनुसार बुधवार को दोपहर में सिविल अस्पताल की फ्लू ओपीडी में ई एन टी स्पेशलिस्ट इंचार्ज डॉ. अमित पाटीदार मरीजों का इलाज कर रहे थे। पुलिस लाइन में पदस्थ राजू निकाडे नामक पुलिसकर्मी ओपीडी में आया। उसने डाक्टर के बारे में पूछा।

डॉ. पाटीदार ने उसे अपना परिचय दिया। जांच की और उसे पुन: पुलिसकर्मी को जनरल ओपीडी में जांच के लिए परामर्श दिया। पुलिसकर्मी ने इस पर जनरल ओपीडी में बैठे डाक्टर पर विवादित टिप्पणी की। यह सुनने पर डा.पाटीदार ने उसे कहा कि चलो में खुद आपके साथ जनरल ओपीडी चलकर वहां सीनियर डाक्टर से आपका उपचार करवाता हूं।

दोनों जनरल ओपीडी पहुंचे वहां सिनियर डाक्टर वार्ड में मरीज देखने चले गए थे,जिस पर उन्हें सूचना देकर बुलवाया गया। सीनियर डाक्टर के न होने और 10 मिनट का समय बताने पर पुलिस कर्मी हाइपर हो गया और उसने डा.पाटीदार से अभद्रता शुरू कर दी।

पुलिस कर्मी की शाब्दिक अभद्रता पर डाक्टर ने आपत्ति की तो उसने झटकी करते हुए डा.पाटीदार को थप्पड़ मार दिए जिसमें उनका चश्मा टूट गया। ओपीडी में इसकी जानकारी लगते ही उपस्थित कर्मचारियों ने आक्रोश जताते हुए सभी आरएमओ कार्यालय के सम्मुख इकठ्ठा हो गए और घटना का विरोध व्यक्त करते हुए काम बंद कर दिया।

कुछ देर बाद ही अधिकारियों की समझाइश पर काम शुरू हो गया। इसके बाद मध्य प्रदेश मेडिकल आफीसर्स एसोसिएशन के बैनर तले डा.अनिल भार्गव के साथ डाक्टर्स कलेक्टर से मिलने पहुंचे और सभी ने पुलिस कर्मी पर डाक्टर्स प्रोटेक्शन एक्ट  के साथ ही कोविड-19 महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

संबंधित पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिया गया है। सीएसपी माधवनगर को जांच सौंपी गई है।- मनोज कुमार सिंह, एसपी,उज्जैन

टॅग्स :मध्य प्रदेशभोपालउज्जैनडॉक्टरडॉक्टरों की हड़ताल
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