Deep Sidhu behind what happened at Red Fort says farmer leader Satnam Singh Pannu | किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू का आरोप- 'दीप सिद्धू सरकार का आदमी, लाल किला मामले के लिए वो जिम्मेदार'
दीप सिद्धू सरकार का आदमी, लाल किला जो हुआ उसके लिए वही जिम्मेदार: सतनाम सिंह पन्नू (फोटो- एएनआई)

Highlightsलाल किले तक किसानों को ले जाने और उस पर धार्मिक झंडा लहराये जाने के मामले में दीप सिद्धू विवादों मेंकिसान मजदूर संघर्ष कमिटी के सतनाम सिंह पन्नू सहित कई दूसरे किसान संगठनों ने दीप सिद्धू पर लगाए हैं आरोपसतनाम सिंह पन्नू तीन दशक से किसानों से कई आंदोलन में रहे हैं सक्रिय, मुकरबा चौक पर इनके सदस्यों पर पुलिस बैरिकेड तोड़ने का आरोप

किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान 26 जनवरी को हुए भारी बवाल के बीच किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू ने दीप सिद्धू को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि दीप सिद्धू सरकार के आदमी हैं और उनकी जांच होनी चाहिए। 

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार किसान मजदूर संघर्ष कमिटी के सतनाम सिंह पन्नू ने कहा, 'लाल किले पर जो हुआ उसके लिए दीप सिद्धू जिम्मेदार है। उसे पुलिस और प्रशासन ने लाल किले की ओर से बढ़ने से क्यों नहीं रोका। इसकी जांच होनी चाहिए। वह सरकार का आदमी है। दीप सिद्धू की इसमें क्या भूमिका थी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। हमारा उससे कोई संबंध नहीं है।'
 
बता दें कि दीप सिद्धू एक पंजाबी अभिनेता हैं जो ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर प्रदर्शनकारियों द्वारा धार्मिक झंडा फहराये जाने की घटना के दौरान मौजूद रहे थे। 

किसान संगठनों का कहना है कि सिद्धू के कहने पर ही प्रदर्शनकारी उग्र हुए और तय रूट से अलग जाकर लाल किले तक पहुंच गए और वहां धार्मिक झंडा फहराया। गौरतलब है कि सिद्धू 2019 के आम चुनाव में गुरदासपुर के सांसद सनी देओल के चुनाव प्रभारी थे। 

दीप सिद्धू ने तब सनी देओल के लिए जम कर प्रचार किया था। हालांकि बाद में पिछले साल दिसंबर में सनी देओल ने सिद्धू से दूरी बना ली थी।

पुलिस ने जब रोका जब हमने बैरिकेड तोड़े: सतनाम सिंह पन्नू

लाल किले के विवाद से खुद को दूर करते हुए सतनाम सिंह पन्नू ने ये भी कहा कि जो कुछ हुआ उसमें सरकार की साजिश थी। मुकरबा चौक पर दिल्ली पुलिस के बैरिकेड को सतनाम सिंह पन्नू और उनके किसान मजदूर संघर्ष कमिटी के सदस्यों द्वारा सबसे पहले तोड़े के सवाल पर किसान नेता ने कहा जब पुलिस ने रोका तभी बैरिकेड तोड़े गए।

बकौल सतनाम सिंह, 'हमने पहले ही कहा था कि हम आउटर रिंग रोड का रास्ता लेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी ऐसा ही कहा था लेकिन बाद में वो पीछे हट गया। पुलिस ने जब हमे रोका तभी हमने बैरिकेड को तोड़ा। हम लगातार पुलिस से कह रहे थे कि हम शांतिपूर्ण तरीके से आउटर रिंग रोड पर जाएंगे और वापस लौटेंगे।'

सतनाम सिंह पन्नू कौन हैं?

सतनाम सिंह पन्नू किसान मजदूर संघर्ष कमिटी (KMSC) के संस्थापकों में से एक हैं। करीब 15 साल पहले उन्होंने किसान संघर्ष कमिटी से अलग होकर कुछ लोगों के साथ मिलकर ये संगठन बनाया था।

पंजाब के माझा में बने किसान मजदूर संघर्ष कमिटी की आज राज्य के सात से आठ जिलों में मजबूत पकड़ है। तरन तारन जिले के पिड्डी गांव से आने वाले पन्नू कभी कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) के कार्यकर्ता हुआ करते थे। वे किसानों के आंदोलनों में पिछले करीब तीन दशक से सक्रिय हैं।

पन्नू और कुछ और सदस्य करीब दो दशक पहले सीपीएम से अलग हुए थे और किसान संघर्ष कमिटी बनाई थी। हालांकि, बाद में अन्य नेताओं के साथ इस संगठन में उनके विवाद हुए और उन्होंने अलग होकर 2007 में केएमएससी का गठन किया। 

Web Title: Deep Sidhu behind what happened at Red Fort says farmer leader Satnam Singh Pannu

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