लाइव न्यूज़ :

कोविड-19: राहत कोषों के तहत प्राप्त धनराशि की जानकारी सार्वजनिक हो, एनजीओ ने सीआईसी से कही ये बात

By भाषा | Updated: April 19, 2020 18:32 IST

कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन अवधि के दौरान ऑडियो और वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लंबित आरटीआई अपीलों और शिकायतों से संबंधित सुनवाई करने के लिए आयोग की सराहना की।

Open in App

नयी दिल्ली: कोविड-19 से मुकाबले के लिए नव गठित आपात स्थिति प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं राहत कोष (पीएम-केयर्स फंड) और विभिन्न राहत निधियों के तहत प्राप्त धन इसके संवितरण के बारे में जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। यह बात एक स्वैच्छिक संगठन ने मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) को रविवार को लिखे एक पत्र में कही। ‘सतर्क नागरिक संगठन’ ने कहा कि लाखों लोगों के लिए सरकारी योजनाएं और खाद्य वितरण, स्वास्थ्य देखभाल, मजदूरी और पेंशन से संबंधित कार्यक्रम ऐसे समय में एकमात्र जीवन रेखा हैं जब बड़े पैमाने पर और अचानक आजीविका प्रभावित हुई है।

संगठन ने कहा कि संकट से निपटने के लिए यह जरूरी है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा घोषित राहत उपायों से संबंधित सभी प्रासंगिक जानकारी व्यापक रूप से प्रसारित की जाए। सतर्क नागरिक संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि ‘‘पारदर्शिता के बिना, इन उपायों के सफल होने की संभावना नहीं है।’’

पत्र में, कार्यकर्ताओं ने सूचना आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सूचना सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाए और लॉकडाउन के चलते लोगों के आवागमन पर रोक के चलते इसका प्रसार एसएमएस, व्हाट्सऐप, सार्वजनिक घोषणाओं के जरिये तथा राशन की दुकानों, बैंकों, अस्पतालों आदि के माध्यम से व्यापक रूप से या जाए।

पत्र में कहा गया है, ‘‘पीएम केयर्स फंड और उपराज्यपाल/मुख्यमंत्री राहत कोष सहित विभिन्न राहत कोषों के तहत प्राप्त और वितरित किए गए धन के बारे में जानकारी का सार्वजनिक जांच पड़ताल को सक्षम बनाने के लिए भी सक्रिय रूप से खुलासा किया जाना चाहिए।

मौजूदा संकट के समय में धनराशि सबसे अधिक प्राथमिकता जरूरतों पर खर्च की जाए इसके लिए प्रासंगिक जानकारी का प्रभावी प्रसार जरूरी है।’’ कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन अवधि के दौरान ऑडियो और वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लंबित आरटीआई अपीलों और शिकायतों से संबंधित सुनवाई करने के लिए आयोग की सराहना की।

टॅग्स :कोरोना वायरसपीएम केयर्स फंड
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

स्वास्थ्यमहाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 12 मामले, 24 घंटों में वायरस से संक्रमित 1 व्यक्ति की मौत

स्वास्थ्यअफवाह मत फैलाओ, हार्ट अटैक और कोविड टीके में कोई संबंध नहीं?, एम्स-दिल्ली अध्ययन में दावा, जानें डॉक्टरों की राय

भारत अधिक खबरें

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात रखते हैं तो IPC की धारा 420 और 468 लगती है?

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां