लाइव न्यूज़ :

Covid-19: राष्ट्रपति कोविंद ने कहा- कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई, टीका, मास्क, सामजिक दूरी को बताया मजबूत उपाय

By उस्मान | Updated: August 28, 2021 08:09 IST

राष्ट्रपति ने कहा कि मास्क, सामाजिक दूरी सहित सतर्कता व सावधानी ही कोरोना वायरस से बचाव के उपाय

Open in App
ठळक मुद्देमास्क, सामाजिक दूरी सहित सतर्कता व सावधानी ही कोरोना वायरस से बचाव के उपाय दूरदराज के क्षेत्रों तथा कम सुविधा सम्पन्न लोगों तक चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना होगाभारत ने ‘मेड इन इण्डिया’ टीका विकसित किया

लखनऊ: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी महामारी ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों तथा कम सुविधा सम्पन्न लोगों तक चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना होगा।

कोरोना काल के दौरान चिकित्सकों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुये कोविंद ने कहा कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। मास्क, सामाजिक दूरी सहित सतर्कता व सावधानी ही कोरोना वायरस से बचाव के उपाय हैं।

उन्होंने राज्य सरकार के सहयोग से नमूनों के परीक्षण तथा 20 लाख आरटीपीसीआर जांच के लिए संस्थान की सराहना करते हुये कहा कि संस्थान से जुड़े चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ आदि ने कोरोना की चुनौतियों का सामना किया। इन सभी ने अपने जीवन को खतरे में डालते हुए कोरोना पीड़ितों का उपचार किया। इसके लिए समाज व राष्ट्र कृतज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के विरुद्ध लड़ाई में उत्कृष्ट व सराहनीय स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं।

कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस के विरुद्ध लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। मास्क, सामाजिक दूरी सहित सतर्कता व सावधानी ही कोरोना वायरस से बचाव है। टीका भी कोरोना वायरस से बचाव में सहायक है। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के तहत भारत ने ‘मेड इन इण्डिया’ टीका विकसित किया।

उन्होंने कहा कि आज भारत में व्यापक पैमाने पर टीकाकरण अभियान संचालित है। इसके लिए उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी कर्मियों की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि प्राप्त नवचिकित्सक पूरी संवेदनशीलता के साथ मानवता की सेवा में ज्ञान और कौशल का उपयोग करें। चिकित्सा महान और पवित्र सेवा का क्षेत्र है।

उन्होंने चिकित्सकों से बिना किसी भेदभाव के सेवा कार्य के लिए अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से जीवनशैली से संबंधित रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। रोगों के उपचार और निदान में आयुर्वेद और योग सहायक हैं। इन्हें जीवन पद्धति के रूप में अपनाकर आरोग्यता पायी जा सकती है। इनके माध्यम से प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, जिसका उदाहरण हमें कोरोना कालखण्ड में दिखायी दिया।  

टॅग्स :कोरोना वायरसरामनाथ कोविंदकोविड-19 इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

भारतआरएसएस विजयादशमी रैलीः अमेरिका को व्यापार करना है?, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा-स्वदेशी और स्वावलंबन का कोई विकल्प नहीं, बढ़-चढ़कर अपनाएं युवा पीढ़ी

भारतराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघः विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि होंगे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, आरएसएस ने ‘एक्स’ पर किया पोस्ट

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए