लाइव न्यूज़ :

Coronavirus: रिसर्च- गर्मी से वायरस का प्रकोप हो सकता है कम, लेकिन बचने का मूलमंत्र सामाजिक दूरी

By भाषा | Updated: April 30, 2020 05:47 IST

वैज्ञानिक हेमंत भेरवानी ने कहा, ‘‘अध्ययन में पता चला कि वायरस फैलने का तापमान और सापेक्षिक आर्द्रता जैसे पर्यावरण संबंधी कारकों पर निर्भर होना संकेत देता है कि भारत की गर्म जलवायु इसके प्रकोप की रोकथाम में लाभकारी हो सकती है।’’

Open in App
ठळक मुद्देराष्ट्रीय पर्यावरण आभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) के वैज्ञानिकों ने बुधवार को कहा कि भारत की गर्म जलवायु कोरोना वायरस को फैलने से रोकथाम में मददगार हो सकती है। वैज्ञानिक हेमंत भेरवानी ने कहा, ‘‘अध्ययन में पता चला कि वायरस फैलने का तापमान और सापेक्षिक आर्द्रता जैसे पर्यावरण संबंधी कारकों पर निर्भर होना संकेत देता है कि भारत की गर्म जलवायु इसके प्रकोप की रोकथाम में लाभकारी हो सकती है।’’

राष्ट्रीय पर्यावरण आभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) के वैज्ञानिकों ने बुधवार को कहा कि भारत की गर्म जलवायु कोरोना वायरस को फैलने से रोकथाम में मददगार हो सकती है, लेकिन सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना सबसे ज्यादा जरूरी है।

सरकार संचालित अनुसंधान संस्थान ने हाल ही में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, श्रीनगर और न्यूयॉर्क के कोरोना वायरस संक्रमण के आंकड़ों का उपयोग करके इसके फैलने तथा पर्यावरण संबंधी कारकों के बीच जुड़ी किसी तरह की कड़ी का पता लगाने के लिए अध्ययन किया। वैज्ञानिक हेमंत भेरवानी ने कहा, ‘‘अध्ययन में पता चला कि वायरस फैलने का तापमान और सापेक्षिक आर्द्रता जैसे पर्यावरण संबंधी कारकों पर निर्भर होना संकेत देता है कि भारत की गर्म जलवायु इसके प्रकोप की रोकथाम में लाभकारी हो सकती है।’’

उन्होंने कहा कि यह निष्कर्ष अन्य वायरसों के संदर्भ में पूर्व में किये गये अध्ययनों के संगत है जिनके अधिक तापमान वाले क्षेत्रों में असर कम होने के प्रमाण रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सापेक्षिक आर्द्रता के साथ संबंध को लेकर स्पष्टता नहीं है।’’

भेरवानी ने कहा, ‘‘सामाजिक दूरी बनाकर रखने के नियम पर्यावरण संबंधी कारकों से होने वाले लाभों की तुलना में अधिक लाभकारी हैं। केरल और चेन्नई में, जहां अधिक नमी रहती है, वहां सामाजिक दूरी बनाने के नियम का कड़ाई से पालन के कारण वायरस पर नियंत्रण संभव हो सका, वहीं अधिक नमी वाले मुंबई में ऐसा नहीं देखा गया।’’

नीरी के निदेशक डॉ राकेश कुमार ने कहा कि वायरस का प्रकोप तापमान बढ़ने के साथ कम होता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह भी सच है कि तापमान वाले कारक को सामाजिक दूरी के नियम का साथ मिलना चाहिए, तभी यह अनुकूल होगा। अगर आप इसका पालन नहीं करते तो जितने भी फायदे मिल रहे हैं, जो अन्य देशों को इस हद तक नहीं मिल सके, सब बेकार हो जाएंगे।’’

टॅग्स :कोरोना वायरससीओवीआईडी-19 इंडियाकोरोना वायरस इंडियालोकमत हिंदी समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

भारतRam Rasayan Book: 'राम रसायन' पुस्तक के बारे में बोले डॉ. विजय दर्डा, कहा- "यह किताब राम के चरित्र को अनुभव करने का जरिया"

भारत'Ram Rasayan' Book: रामकथा पर आधारित पुस्तक 'राम रसायन' का मुरारी बापू ने किया विमोचन

भारतLokmat Parliamentary Awards 2025: डॉ. विजय दर्डा ने कहा- लोकमत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह