Ram Rasayan Book: 'राम रसायन' पुस्तक के बारे में बोले डॉ. विजय दर्डा, कहा- "यह किताब राम के चरित्र को अनुभव करने का जरिया"

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 22, 2026 12:10 IST2026-01-22T12:05:44+5:302026-01-22T12:10:22+5:30

Ram Rasayan Book: विजय दर्डा ने आधुनिक समय में इस पुस्तक की आवश्यकता पर जोर देते हुए निम्नलिखित बातें कही।

Dr Vijay Darda spoke about book Ram Rasayan saying This book is a way to experience the character of Ram | Ram Rasayan Book: 'राम रसायन' पुस्तक के बारे में बोले डॉ. विजय दर्डा, कहा- "यह किताब राम के चरित्र को अनुभव करने का जरिया"

Ram Rasayan Book: 'राम रसायन' पुस्तक के बारे में बोले डॉ. विजय दर्डा, कहा- "यह किताब राम के चरित्र को अनुभव करने का जरिया"

Ram Rasayan Book: मीडिया टाइकून और लोकमत मीडिया ग्रुप' के चेयरमैन विजय दर्डा कि किताब 'राम रसायन' का आज दिल्ली में विमोचन किया गया। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में मोरारी बापू के हाथों कॉफी टेबल बुक 'राम रसायन' का विमोचन किया गया। 

लोकमत मीडिया ग्रुप के चेयरमैन के रूप में उन्होंने इस पुस्तक के विमोचन और इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक मुख्य रूप से नई पीढ़ी को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि वे दृश्य रूप के माध्यम से रामायण के सार को समझ सकें।

पुस्तक का शीर्षक 'राम रसायन' हनुमान चालीसा की एक चौपाई (राम रसायन तुम्हरे पासा...) से प्रेरित है, जो राम नाम की शक्ति और औषधि (रसायन) के महत्व को बताता है।

विजय दर्डा ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर जोर दिया: भारतीय संस्कृति का संरक्षण, मुरारी बापू का व्यक्तित्व और नई पीढ़ी के लिए रामकथा की प्रासंगिकता।

विजय दर्डा ने कहा कि मुरारी बापू केवल एक कथावाचक नहीं हैं, बल्कि वे 'विश्व नागरिक' और 'शांति दूत' हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह से बापू दुनिया भर में रामकथा के माध्यम से 'सत्य, प्रेम और करुणा' का संदेश फैला रहे हैं, वह अद्वितीय है। उन्होंने बापू को मानवता को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

डॉ. दर्डा ने इस पुस्तक को एक 'सांस्कृतिक दस्तावेज' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह किताब केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि राम के चरित्र को 'अनुभव' करने के लिए है। इसमें इस्तेमाल किए गए उच्च स्तरीय चित्रों और कलाकृतियों की उन्होंने बहुत सराहना की। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता जताई कि यह विमोचन 'भारत मण्डपम' जैसे ऐतिहासिक स्थल पर हो रहा है, जो आधुनिक भारत की प्रगति का प्रतीक है।

मीडिया जगत की हस्ती होने के नाते, उन्होंने कहा कि मीडिया का काम केवल समाचार देना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मकता फैलाना और अपनी गौरवशाली संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने इस पुस्तक को सांस्कृतिक संरक्षण के मिशन का हिस्सा बताया।

विजय दर्डा ने अपने भाषण के अंत में कहा कि बापू की वाणी में वह शक्ति है जो भटकते हुए मन को 'राम रसायन' के जरिए शांति और सही दिशा दे सकती है। यह किताब हर उस व्यक्ति के पास होनी चाहिए जो राम के जीवन दर्शन को सरल रूप में समझना चाहता है।

बता दें कि इस पुस्तक के विमोचन का मुख्य उद्देश्य रामकथा के वैश्विक संदेश को कला और साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राम के आदर्श केवल एक धर्म तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानवता के लिए एक मार्गदर्शिका हैं।

Web Title: Dr Vijay Darda spoke about book Ram Rasayan saying This book is a way to experience the character of Ram

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