लाइव न्यूज़ :

Coronavirus : दिल्ली उच्च न्यायालय, जिला अदालतों के कामकाज पर 31 मई तक रहेगी पाबंदी

By भाषा | Updated: May 22, 2020 16:32 IST

कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय और जिला अदालतों के कामकाज पर पाबंदियां 31 मई तक जारी रहेंगी और केवल तत्काल मामलों पर ही सुनवाई होगी।

Open in App
ठळक मुद्देकोविड-19 के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय और जिला अदालतों के कामकाज पर पाबंदियां 31 मई तक जारी रहेंगी और केवल तत्काल मामलों पर ही सुनवाई होगी। उच्च न्यायालय की प्रशासनिक और आम पर्यवेक्षण समिति ने फैसला किया है कि पाबंदियां 31 मई तक जारी रहेंगी

नयी दिल्ली: कोविड-19 के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय और जिला अदालतों के कामकाज पर पाबंदियां 31 मई तक जारी रहेंगी और केवल तत्काल मामलों पर ही सुनवाई होगी। इससे पहले ये पाबंदियां 23 मई तक लागू थीं। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल के नेतृत्व में उच्च न्यायालय की प्रशासनिक और आम पर्यवेक्षण समिति ने फैसला किया है कि पाबंदियां 31 मई तक जारी रहेंगी और वीडियो कांफ्रेंस के जरिए केवल तत्काल मामलों पर ही सुनवाई होगी। 

प्रशासनिक आदेश में कहा गया है, ‘‘दिल्ली उच्च न्यायालय का कामकाज समान शर्तों पर 31 मई तक निलंबित रहेगा।’’ तत्काल मामलों को वेब लिंक के जरिए सूचीबद्ध किया जा सकता है जो सभी कामकाजी दिनों में सुबह नौ बजे से साढ़े दस बजे तक उपलब्ध रहेगा। आदेश में कहा गया है कि पंजीयक और संयुक्त पंजीयक समेत उच्च न्यायालय में 26 मई से 30 मई तक सूचीबद्ध सभी मुकदमों की सुनवाई को क्रमश: 21 जुलाई और 25 जुलाई के बीच की तारीखों तक स्थगित किया जाता है। 

इसमें कहा गया है कि इस अवधि के दौरान जिला अदालतों में सूचीबद्ध मामलों को भी स्थगित किया जाएगा और इस संबंध में सूचना उनकी वेबसाइट पर डाली जाएगी। तब तक दो खंडपीठ और 10 एकल पीठ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए तत्काल मामलों पर सुनवाई करेंगी। तत्काल मामलों पर सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला किया गया है कि शुक्रवार से उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश वीडियो कांफ्रेंस के जरिए महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई करने के लिए हर दिन उपलब्ध रहेंगे।

दिल्ली उच्च न्यायालय और निचली अदालतों ने 24 मार्च से 19 मई के बीच कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान 20,726 तत्काल मामलों पर सुनवाई की। उच्च न्यायालय में मौजूदा समय में सात खंडपीठ और 19 एकल पीठ हैं। इससे पहले उच्च न्यायालय ने 25 मार्च को अपने और जिला अदालतों के कामकाज पर 14 अप्रैल तक रोक लगा दी थी। इसके बाद इसे तीन मई, 17 मई और फिर 23 मई तक बढ़ाया गया। 

टॅग्स :दिल्ली हाईकोर्टकोरोना वायरस लॉकडाउनकोरोना वायरसकोरोना वायरस हॉटस्‍पॉट्सदिल्ली में कोरोनाकोरोना वायरस इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

भारतदिल्ली हाईकोर्ट ने तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने को कहा

भारतदिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 12 लोगों को जारी किया नोटिस, आबकारी नीति मामले में सीबीआई ने दायर की याचिका

क्राइम अलर्टविवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना और कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार पर लागू होगी धारा 69

भारतघर के बगल में सार्वजनिक मूत्रालय और कूड़ेदान का होना संविधान के तहत स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन?

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं