कश्मीर में कोरोना काल में पर्यटन को प्राथमिकता देने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमने-सामने

By सुरेश एस डुग्गर | Published: January 18, 2022 02:37 PM2022-01-18T14:37:39+5:302022-01-18T14:38:06+5:30

कश्मीर में कोरोना पाबंदियों से पर्यटकों को छूट देने के प्रस्ताव को लेकर विवाद छिड़ गया है। इस मामले पर प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमने सामने हैं।

Controversy on giving priority to tourism in Kashmir amid Coron | कश्मीर में कोरोना काल में पर्यटन को प्राथमिकता देने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमने-सामने

कश्मीर में कोरोना काल में पर्यटन को प्राथमिकता देने पर विवाद (फाइल फोटो)

Next

जम्मू: कश्मीर के पर्यटन निदेशक द्वारा कश्मीर आने वाले पर्यटकों को कोरोना पाबंदियों से मुक्त रखने की खातिर प्रशासन को लिखे गए पत्र के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमने सामने हैं। कोरोना काल में टूरिज्म को प्राथमिकता देने के प्रशासन के इरादों के उजागर होने के बाद आम लोग भी नाराजगी जता रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर के पीक पर आने के कारण कश्मीरी बुरे हालात में हैं और ऐसे में प्रदेश में बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर पूर्ण रोक लगा दी जानी चाहिए। उनके आग्रह के पीछे का आधार कोरोना संक्रमितों में एक अच्छी खासी संख्या में पर्यटकों व श्रद्धालुओं का होना भी है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से रोज 40 से 50 वैष्णो देवी के श्रद्धालु कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। कश्मीर आने वाले कई पर्यटकों में ओमीक्रान वेरिएंट की भी पुष्टि हुई है।

डायरेक्टर टूरिज्म के पत्र से कश्मीरी बिजनेसमेन सबसे अधिक दुविधा में हैं। उनकी दुविधा कोरोना पाबंदियों के कारण हैं। दरअसल प्रशासन द्वारा लगाई गई कोरोना पाबंदियों के चलते व्यापार ठप्प हो गया है। कश्मीर में कोरोना प्रभावित रेड जोन की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और ऐसे में पर्यटकों के खाने पीने का इंतजाम कर पाना मुश्किल होता जा रहा है।

कश्मीर रिटेर्ल्स एसोसिएशन के प्रधान फरहान किताब का कहना है कि प्रशासन के इरादों से यही लगता है कि वे कश्मीर को कोरोना की राजधानी बना देना चाहते हैं। तभी तो जबकि शिक्षा भी बंद है, व्यापारी परेशान हैं और ऐसे में प्रशासन द्वारा सिर्फ पर्यटकों की चिंता करना वाजिब नहीं लग रहा है।

हालांकि जम्मू कश्मीर होटल्स क्लब के अध्यक्ष मुश्ताक छाया के अनुसार होटलों में 50 फीसदी से अधिक बुकिंग रद्द हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जनवरी और फरवरी में कुछ राहत की उम्मीद थी जो अब धुंधली होने लगी है। वहीं, कश्मीर के मंडलायुक्त के पांडुरंग पोले कहते हैं कि कश्मीर की 50 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी है और ऐसे में बीच का कोई रास्ता निकालना होगा।

Web Title: Controversy on giving priority to tourism in Kashmir amid Coron

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे