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कांग्रेस का दावा- CM रावत ने पत्नी के नाम औने पौने दाम पर जमीन खरीदी, बीजेपी ने कहा- आरोप साबित हुआ तो देंगे इस्तीफा

By भाषा | Updated: May 22, 2019 02:24 IST

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पर अपनी निजी भूमि की कीमत बढ़ाने के लिये सरकारी धन के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने इस प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराये जाने की मांग की और कहा कि अगर इसमें मुख्यमंत्री दोषी पाये जाते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

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ठळक मुद्देभाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि अगर ये आरोप साबित होते हैं तो वह और मुख्यमंत्री रावत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। जपा प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी और गुप्ता की पत्नी के नाम सोरोंधार क्षेत्र में जमीन है।

 कांग्रेस ने मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम यहां सहस्त्रधारा रोड पर औने—पौने दामों में जमीन खरीदी है। यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और रानीखेत से विधायक करण माहरा ने मुख्यमंत्री रावत पर उस इलाके में सरकारी धन से एक झील विकसित करने का भी आरोप लगाया ताकि उनकी पत्नी और उनके साझीदार संजय गुप्ता की पत्नी के नाम से खरीदी गयी जमीन की कीमत में रातों रात हजारों गुना वृद्धि हो सके।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि अगर ये आरोप साबित होते हैं तो वह और मुख्यमंत्री रावत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सिंह और माहरा ने कहा कि सहस्त्रधारा रोड पर सूर्यधार क्षेत्र में मुख्यमंत्री रावत की पत्नी सुनीता और उनके साझीदार संजय गुप्ता की पत्नी के नाम विभिन्न तिथियों में करीब 16 बीघा जमीन औने पौने दामों पर खरीदी गयी। उन्होंने कहा कि आखिरी जमीन की रजिस्ट्री 31 जुलाई, 2017 को हुई और इसके छह माह के अंदर क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था करने के साथ ही 25 दिसंबर, 2017 में वहां पर्यटन के लिये करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से सूर्यधार झील विकसित करने की परियोजना का शिलान्यास कर दिया गया जिससे उस जमीन की कीमत रातों रात बढ़ जाये।

मुख्यमंत्री रावत पर अपनी निजी भूमि की कीमत बढ़ाने के लिये सरकारी धन के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने इस प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराये जाने की मांग की और कहा कि अगर इसमें मुख्यमंत्री दोषी पाये जाते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत का भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टालरेंस’ का नारा सिर्फ छलावा है और उनकी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है । एक सवाल के जवाब में कि उन्होंने भ्रष्टाचार के इस मामले को हाल में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान मुद्दा क्यों नहीं बनाया, माहरा ने कहा कि उनका मकसद इस मुद्दे से चुनावी फायदा उठाना नहीं था और वैसे भी तब उनके इन आरोपों को शक की नजर से देखा जाता । दूसरी तरफ, भाजपा प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी और गुप्ता की पत्नी के नाम सोरोंधार क्षेत्र में जमीन है। उन्होंने हालांकि कहा कि यह जमीन सूर्यधार झील से 25 किलोमीटर दूर है। चौहान ने सूर्यधार क्षेत्र में जमीन लिये जाने की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के ये आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो वह स्वयं और मुख्यमंत्री दोनों अपने पदों से त्यागपत्र दे देंगे ।

टॅग्स :कांग्रेसउत्तराखण्डभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)त्रिवेंद्र सिंह रावत
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