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श्रीनगर में कल से खुलेगा सिनेमाहाल, 23 साल बाद थियेटर में फिल्मों का आनंद ले सकेंगे लोग

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: September 19, 2022 14:29 IST

कश्मीर में लगभग 23 सालों के बाद आतंक के गढ़ रहे पुलवामा और शोपियां जिलों में सिनेमा हाल फिर से खुल गये हैं। 90 के दशक में जब आतंकी हमलों में तेजी हुई थी तो कश्मीर के दर्जनों सिनेमा घरों पर ताले लग गये थे।

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ठळक मुद्देश्रीनगर में 23 साल बाद फिर से सिनेमाहाल के ताले खुल गये, जो आतंकी हमलों के कारण बंद हो गये थे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पुलवामा और शोपियां में किया था सिनेमाहाल का उद्घाटन90 के दशक में कश्मीर में दो दर्जन सिनेमाघर थे, जो आतंकी धमकियों के कारण बंद हो गए थे

जम्मू: कश्मीर के दो जिलों में बड़े पर्दे पर सिनेमा की वापसी के बाद अब कल श्रीनगर में भी खुलने जा रहे सिनेमाहाल के कारण 23 सालों के लंबे समय के बाद लोग फिल्मों का आनंद ले पाएंगें। वैसे 23 सालों के बाद कल यानि रविवार को इसकी शुरुआत आतंक के गढ़ रहे दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जिलों से हो चुकी है।

श्रीनगर में एक मल्टीप्लेक्स भी इसी मंगलवार को खुलने जा रहा है। इसमें 520 सीटों की क्षमता वाले तीन सिनेमाघर होंगे। कश्मीर में इन सिनेमाहाल का खुलना एक नया अध्याय है। दरअसल उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को इन दोनों जिलों में मल्टीपर्पज सिनेमाहाल का उद्घाटन किया था। यह पल कश्मीर के लिए ऐतिहासिक था और अब कल यानि मंगलवार को भी श्रीनगर में खुलने वाले सिनेमाहाल को एतिहासिक बताया जा रहा है।

इन जिलों में दर्शकों की आवाजाही और रिस्पांस के बाद जम्मू कश्मीर सरकार ऐसे ही सिनेमा हाल प्रत्येक जिलों में खोलने की योजना पर काम करेगी। याद रहे पिछली सदी के नौवें दशक तक कश्मीर में दो दर्जन से अधिक सिनेमाघर थे, लेकिन 1990 में आतंकी संगठनों की धमकियों और हमलों के कारण सभी सिनेमाहाल बंद हो गए थे।

वर्ष 1999 में सिनेमाहाल को खोलने का प्रयास किया गया था। इसके बाद नीलम, रीगल और ब्राडवे सिनेमा खुले लेकिन रीगल और ब्राडवे कुछ ही दिनों में आतंकी हमलों के कारण बंद हो गए। जबकि सितंबर, 1999 में श्रीनगर के लाल चौक स्थित रीगल सिनेमा पर भीषण आतंकी हमला हुआ था।

आतंकवाद के दौर में घाटी में एक-एक कर 19 सिनेमा हाल बंद हो गए थे। इनमें अकेले नौ सिनेमाघर-रीगल,  पैलेडियम, खायम, फिरदौस, शाह, नाज, नीलम, शिराज व ब्राडवे श्रीनगर में थे। लाल चौक के पास पैलेडियम और उससे कुछ दूरी पर नीलम सिनेमाघर था, जहां काफी भीड़ होती थी। आतंकी संगठनों की धमकियों और हमलों के कारण ये बंद होते गए।

1999 में फारूक सरकार ने रीगल, नीलम व ब्राडवे को खोलने की कोशिश की, लेकिन सितंबर महीने में रीगल पर ग्रेनेड हमला हुआ। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। हमले के बाद रीगल पर ताला लग गया।

रीगल व ब्राडवे को सुरक्षा घेरे में चलाने की कोशिश की गई, लेकिन दर्शकों की संख्या में कमी आने से इन्हें बंद करना पड़ा। अनंतनाग में सेना के प्रयासों से हेवन सिनेमा घर को खोला गया, लेकिन बाद में वह भी बंद हो गया।

अब अगर सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा और आतंकियों की ओर से कोई प्रयास इन्हें क्षति पहुंचाने का नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में अनंतनाग, बांडीपोरा, गांदरबल, डोडा, राजौरी, पुंछ, किश्तवाड़ और रियासी में भी जल्दी ही ऐसे सिनेमाघरों का उद्घाटन किया जाएगा।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरमनोज सिन्हाKashmir Tourism Development Corporation
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