CAPF or paramilitary forces may abandon foreign brands in canteens and offices and adopt 'Swadeshi' goods: Ministry of Home Affairs | CAPF या अर्द्धसैनिक बल कैंटीन और कार्यालयों में विदेशी ब्रांड का त्याग कर ‘स्वदेशी’ सामान अपनाएंः गृह मंत्रालय
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस आदेश का उद्देश्य इन सामानों के स्थानीय उत्पादकों की आय में सुधार लाना।

Highlightsबल की इस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें इन स्टोर के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में छूट की मांग की गई है।मंत्रालय की तरफ से जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि इन कैंटीन में ‘स्वदेशी’ सामान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी सीएपीएफ या अर्द्धसैनिक बलों को निर्देश दिया है कि वे अपने कैंटीन और कार्यालयों में विदेशी ब्रांड का त्याग कर ‘स्वदेशी’ सामान अपनाएं।

इसमें खाद्य सामग्री से लेकर, घर के सामान और कपड़े तक शामिल करने के लिए कहा गया है। गृह मंत्रालय ने देश भर में 1700 से अधिक केंद्रीय पुलिस कैंटीन के लिए आर्थिक सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय किया है। साथ ही मंत्रालय ने इन बलों और अर्द्धसैनिक बल की इस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें इन स्टोर के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में छूट की मांग की गई है।

मंत्रालय की तरफ से जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि इन कैंटीन में ‘स्वदेशी’ सामान उपलब्ध कराया जाना चाहिए जिनमें खाद्य सामग्री, कपड़े आदि शामिल हों। आदेश में कहा गया है कि इन स्टोर में नयी खरीद ‘स्वदेशी’ सामानों की होनी चाहिए और वर्तमान सामान को स्वदेशी सामान से बदल दिया जाना चाहिए।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस आदेश का उद्देश्य इन सामानों के स्थानीय उत्पादकों की आय में सुधार लाना और स्थिति को बेहतर करना है। यह स्वदेशी उत्पादों और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए है। इन बलों में वर्तमान में करीब 10 लाख कर्मी हैं और प्रति वर्ष वे कैंटीन के लिए करोड़ों रुपये के सामान खरीदते हैं।’’

अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि सीपीसी के लिए जीएसटी में छूट के बजाए केंद्र सरकार ‘‘बजट सहायता के मार्फत सीपीसी की क्षतिपूर्ति करेगा।’’ 


Web Title: CAPF or paramilitary forces may abandon foreign brands in canteens and offices and adopt 'Swadeshi' goods: Ministry of Home Affairs
भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे