लाइव न्यूज़ :

बिहार: क्या महागठबंधन में सब कुछ नहीं है ऑल इज वेल? उपचुनाव पर टिकी हैं सभी की निगाहें

By एस पी सिन्हा | Updated: October 30, 2022 14:40 IST

बिहार में गोपालगंज और मोकामा विधानसभा उपचुनाव को लेकर महागठबंधन में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भी राजद प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है।

Open in App
ठळक मुद्देविधानसभा उपचुनाव में नीतीश कुमार द्वारा दूरी बनाने के बाद जीतनराम मांझी ने भी किया किनारानीतीश कुमार की तरह 'हम' प्रमुख मांझी ने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर चुनाव प्रचार से बनाई दूरीनीतीश कुमार द्वारा गोपालगंज और मोकामा में चुनाव प्रचार में नहीं जाने की हर तरफ हो रही है चर्चा

पटना: बिहार में सत्तारूढ महागठबंधन में क्या सब कुछ ऑल इज वेल नहीं है? यह सवाल विधानसभा के दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव के दौरान उठने लगे हैं। उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी राजद प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है। ऐसे में सियासी महकमे में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या महागठबंधन में सबकुछ ठीक चल रहा है? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह ही 'हम' प्रमुख मांझी की ओर से भी स्वास्थ्य कारणों का ही हवाला दिया गया है।

ऐसे में सियासी गलियारों में अभी सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाने की हो रही है। दोनों ही सीटों पर महागठबंधन की ओर से राजद के प्रत्याशियों को उतारा गया है। भाजपा आरोप लगा रही है कि मोकामा में राजद उम्मीदवार नीलम सिंह बाहुबली दबंग अनंत सिंह की पत्नी हैं। वहीं, गोपालगंज में राजद ने मोहन प्रसाद गुप्ता को टिकट दिया है, जिन पर शराब तस्करी का केस लग चुका है।

मालूम हो कि जीतनराम मांझी हर मोर्चे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नजर आ रहे हैं। जब नीतीश एनडीए में थे, तो मांझी भी उनके साथ थे। जब उन्होंने महागठबंधन से नाता जोड़ा तो मांझी भी एनडीए छोड़ महागठबंधन के साथ आ गए। यही नहीं, हाल ही में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार फिर से भाजपा के साथ लौटेंगे, तो मांझी ने भी कह दिया कि ऐसा करने पर वे मुख्यमंत्री के साथ रहेंगे।

ऐसे में राजनीति के जानकार उपचुनाव को लेकर महागठबंधन में चल रही सियासत को अलग-अलग चश्मे से देख रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर इस चुनाव में राजद दोनों सीटों से हार भी जाती है, तो सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। लेकिन अगर राजद ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर ली तो ऐसे हालत में राजद बिहार में सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है।

बता दें कि 2020 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद 75 विधायकों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। उपचुनाव में एक सीट पर जीत मिलने के बाद राजद के विधायकों की संख्या 76 हो गई थी। वहीं दूसरी ओर इसी साल मार्च महीने में भाजपा ने वीआईपी के तीन विधायकों को अपने खेमे में शामिल करा लिया था। जिसके बाद भाजपा 77 विधायकों के साथ बिहार की पहले नंबर की पार्टी बन गई थी। इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के चार विधायकों के पाला बदलते ही बिहार में राजद के पास विधानसभा में विधायकों की संख्या 80 हो गयी थी।

बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के लिहाज से अभी राजद के पास 79, भाजपा के 77, जदयू के 45, कांग्रेस के 19, वामदलों के 16, हम के 4, एआईएमआईएम के एक और निर्दलीय विधायक की संख्या एक है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि अगर राजद मोकामा, गोपालगंज और बाद में कुढ़नी की सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहती है, तो ऐसे हालात में राजद के पास कुल 82 विधायक हो जाएंगे।

कांग्रेस और वामदल तो पहले से ही महागठबंधन में हैं। अगर ये दोनों पार्टी महगठबंधन की सरकार में बने रहे तो राजद के पास विधायकों की संख्या कुल मिलाकर 116 हो जाएगी। इसके अलावे अगर तेजस्वी को कहीं जीतन राम मांझी के चार विधायक, एआईएमआईएम के एक और एक निर्दलीय ने अपना समथर्न दे दिया, तो विधायकों की कुल संख्या 122 हो जाएगी। ऐसे हालत में जदयू के लिए खतरे की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।

टॅग्स :महागठबंधननीतीश कुमारजीतन राम मांझीतेजस्वी यादवआरजेडीजेडीयू
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

क्राइम अलर्टबिहार सिपाही भर्ती घोटालाः मुश्किल में पूर्व डीजीपी एसके सिंघल?, ईओयू ने किया जवाब तलब, गंभीर खामियां सामने

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया