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बिहार चुनाव: वो सीट जहां केवल 12 वोट के अंतर से जेडीयू उम्मीदवार की हुई जीत, नीतीश कुमार का है गढ़, RJD का गड़बड़ी का आरोप

By विनीत कुमार | Updated: November 11, 2020 10:43 IST

बिहार चुनाव में एनडीए भले ही बहुमत हासिल करने में कामयाब रहा है लेकिन जेडीयू का हाल बुरा हो गया। इस बीच आरजेडी की ओर से वोटों की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

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ठळक मुद्देबिहार विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर रहा करीबी मुकाबला, आरजेडी ने वोटों की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगाएहिलसा विधानसभा सीट पर जेडीयू को केवल 12 वोटों के अंतर से मिली जीत

Bihar Election Result 2020: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर रही। मंगलवार देर रात तक हुई वोटों की गिनती में आखिरकार एनडीए ने बहुमत का जादुई आंकड़ा छू लिया। एनडीए को 125 सीटों पर जीत दर्ज हुई है जबकि महागठबंधन को 110 सीटों से संतोष करना पड़ा है। महागठबंधन ने हालांकि वोटों की गिनती में गड़बडी का आरोप लगाया है। दरअसल, करीब दर्जन भर सीटें ऐसी रही जहां जीत का अंतर 100 से 1000 के बीच रहा। 

हिलसा में केवल 12 वोटों से जेडीयू की जीत

इन्ही में एक सीट ऐसी रही जहां जेडीयू को केवल 12 वोटों से जीत हासिल हुई है। नालंदा के हिलसा विधानसभा सीट पर जेडीयू के कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया को 61,848 वोट मिले हैं। वहीं, निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद उम्मीदवार अत्री मुनि उर्फ शक्ति सिंह यादव को 61,836 वोट मिले हैं। 

हिलसा में धांधली को लेकर आरजेडी ने मंगलवार रात आरोप लगाए थे। आरजेडी की ओर से कहा गया, हिलसा विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी शक्ति सिंह को निर्वाचन अधिकारी ने 547 वोट से विजयी घोषित कर दिया था। सर्टिफिकेट लेने के लिए इंतजार करने को कहा गया। सीएम आवास से RO को फोन आता है। फिर अचानक अधिकारी कहते है पोस्टल बैलेट रद्द होने के कारण आप 12 वोट से हार गए।' 

ऐसे ही नवादा के बरबीघा विधानसभा सीट को लेकर भी आरजेडी ने गंभीर आरोप लगाए। आरजेडी ने ट्वीट कर कहा, 'पहले इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को 2400 वोट से जिताया गया। नीतीश कुमार के फोन के बाद रिकाउंटिंग में इन्हें मात्र 113 वोट से जिता दिया। नीतीश कुमार अपनी संख्या बढ़ाने के लिए अनैतिकता की सारे हदें पार कर रहे है।'

आरजेडी ने मंगलवार आधी रात को एक और ट्वीट कर वोटों की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाया। ये वो समय था जब एनडीए के बहुमत सीटों के साथ जीत लगभग पक्की हो चली थी।

आरजेडी ने ट्वीट किया, 'साजिशन 4-5 घंटो तक एनडीए टैली को 122 और महागठबंधन को 96-100 के बीच रखा जाता रहा। इतना रोकने के बावजूद भी जब महागठबंधन बढ़त बनाने लगा तो मुख्यमंत्री आवास से हेर-फेर करने के लिए सीधे जिलाधिकारियों को फ़ोन जाने लगे। सनद रहे चुनाव करवाने वाले सभी राज्य सेवा के ही अधिकारी है।'

टॅग्स :बिहार विधान सभा चुनाव 2020नीतीश कुमारआरजेडीजेडीयूराष्ट्रीय रक्षा अकादमीमहागठबंधन
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