प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित दोहन से बदल सकती है राज्य की तस्वीर: गहलोत

By भाषा | Published: August 21, 2021 06:14 PM2021-08-21T18:14:15+5:302021-08-21T18:14:15+5:30

Balanced exploitation of natural resources can change the picture of the state: Gehlot | प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित दोहन से बदल सकती है राज्य की तस्वीर: गहलोत

प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित दोहन से बदल सकती है राज्य की तस्वीर: गहलोत

Next

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि राज्य में मौजूद खनिज सम्पदा के अथाह भण्डार हमारे राजस्व अर्जन के प्रमुख स्रोत हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से संतुलित दोहन कर प्रदेश के राजस्व में वृद्धि के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध पोटाश का सही ढंग से दोहन आने वाले समय में प्रदेश की तस्वीर बदल सकता है। गहलोत शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नागौर के मूंडवा में अम्बुजा सीमेंट के नए संयंत्र ‘मारवाड़ सीमेंट वर्क्स‘ के ट्रायल रन की शुरुआत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में अम्बुजा सीमेंट द्वारा नागौर में नए सीमेंट संयंत्र की शुरुआत करना राज्य के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अम्बुजा सीमेंट द्वारा इस प्लांट पर 3,250 करोड़ रूपये का निवेश एक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि नयी इकाई से पूर्ण उत्पादन शुरू होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक राज्य है। यहां 24 सीमेंट संयंत्र हैं। उन्होंने मूंडवा में बने सीमेंट प्लांट को ग्रीन प्लांट के रूप में स्थापित करने के लिए अम्बुजा सीमेंट को साधुवाद देते हुए कहा कि पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से यह आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय करने के लिए ‘होल्सिम’ (साकल्यवाद) की सराहना की। गहलोत ने कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने यह प्रावधान किया है कि एमएसएमई इकाई को राज उद्योग मित्र पोर्टल पर पंजीयन के बाद किसी भी सरकारी विभाग से तीन साल तक कोई अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। उद्यमियों को निवेश में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने 'वन स्टॉप शॉप' प्रणाली लागू की है। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नए खनन ब्लॉक की खोज, चिन्हीकरण एवं उनकी नीलामी की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। साथ ही, प्राकृतिक संसाधनों के दीर्घकालीन समावेशी दोहन के लिए नयी खनिज नीति तैयार की जा रही है। अम्बुजा सीमेंट के सीईओ व प्रबन्ध निदेशक नीरज अखौरी ने बताया कि राजस्थान में अम्बुजा सीमेंट का यह तीसरा संयंत्र है, जिसे कोविड महामारी की चुनौतियों के बीच तैयार किया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Balanced exploitation of natural resources can change the picture of the state: Gehlot

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे