लाइव न्यूज़ :

अयोध्या फैसला : शांति बनाए रखने के लिए देशभर में सुरक्षाबल अलर्ट, गृहमंत्री शाह ने की अधिकारियों और मुख्यमंत्रियों संग बैठक

By भाषा | Updated: November 10, 2019 06:24 IST

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, गृह सचिव अजित भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक अरविंद कुमार के साथ बैठक की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित कई मुख्यमंत्रियों से भी बात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।

Open in App
ठळक मुद्देउच्चतम न्यायालय की ओर से अयोध्या में राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करने संबंधी फैसले के बाद देश में शांति बनाए रखने एवं किसी भी भड़काऊ एवं शरारती गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।बड़े पैमाने पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। गहन गश्त किया जा रहा है और सोशल मीडिया मंचों की भी निगरानी की जा रही है।

उच्चतम न्यायालय की ओर से अयोध्या में राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करने संबंधी फैसले के बाद देश में शांति बनाए रखने एवं किसी भी भड़काऊ एवं शरारती गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। बड़े पैमाने पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। गहन गश्त किया जा रहा है और सोशल मीडिया मंचों की भी निगरानी की जा रही है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय नार्थ ब्लॉक से लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। पूरे देश में निगरानी कर रहे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों को सतर्क रहने को कहा गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, गृह सचिव अजित भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक अरविंद कुमार के साथ बैठक की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित कई मुख्यमंत्रियों से भी बात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों के संपर्क में हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए धारा 144 लागू की है। संवेदनशील स्थानों, बाजारों में गश्त की जा रही है और उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर लोगों की भावना को भड़काने वालों को कड़ा संदेश दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पूरे राज्य में हालात सामान्य है। अभी तक पूरे राज्य से किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। हमने अधिकारियों को लगातार गश्त लगाने का निर्देश दिया है। हम रविवार से शुरू हो रहे उत्सवों के लिए पुलिस प्रबंधन की भी तैयारी कर रहे हैं।’’

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) पी वी रामशास्त्री ने कहा कि गत दिनों में ट्विटर और फेसबुक के जरिये गलत सूचना फैला सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश करने के आरोप में 80 मामले दर्ज किए गए हैं।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अयोध्या जिले में एवं आसपास सीएपीएफ की 40 कंपनियों (4000 जवान) को किसी भी हालत से निपटने के लिए तैयार हैं।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अयोध्या में स्थिति सामान्य है और बाहर से आए श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोग आम दिनों की तरह रोजमर्रा के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएपीएफ की 20 कंपनियों को आपात स्थिति में देश के किसी भी हिस्से में भेजने के लिए तैयार रखा गया है। दिल्ली में पुलिस ने कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की है।

पुलिस ने अपने परामर्श में कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस शरारती तत्वों या शांति एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधि को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है और दिल्ली पुलिस परामर्श देती है कि इसका इस्तेमाल सावधानी से करें।

उपयोक्ता सौहार्द बिगाड़ने वाले, नफरत और दुश्मनी फैलाने वाले संदेश को प्रसारित करने से बचे।’’

नोएडा में कथित रूप से अफवाह फैलाने के आरोप में दो लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। राजस्थान के बीकानेर जिले में 30 वर्षीय एक व्यक्ति को अयोध्या मामले में आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

केंद्रीय शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी एहतियाती कदम के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। अयोध्या पर फैसले के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी थानों को हाई अलर्ट पर रखा है।

गुजरात पुलिस भी किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अयोध्या फैसले पर फर्जी खबर फैलाने को लेकर चेतावनी जारी की है। सोलन जिले के पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा ने शनिवार सुबह कहा कि फर्जी खबर, मीम या छेड़छाड़ कर वीडियो प्रसारित करने या किसी भी तरह की भड़ाकाऊ सामग्री साझा करने में लिप्त पाए जाने पर सख्त दंडनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों को तैनाती वाले क्षेत्रों में होने वाली घटनाओं की सूचना एक दूसरे से साझा करने का निर्देश दिया गया है। अगले कुछ दिनों तक चौकसी जारी रहेगी। शर्मा ने बताया कि राज्य पुलिस बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के मिले आंकड़ों का विश्लेषण कर रही है।

सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है ताकि किसी भड़काऊ विषयवस्तु को मंच से हटाया जा सके और दोषी पर कार्रवाई की जा सके।

टॅग्स :अयोध्या फ़ैसलाअयोध्या विवादअयोध्याराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामलाराम जन्मभूमिराम मंदिरसुप्रीम कोर्टअमित शाह
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

पूजा पाठमर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी?, पूंछ को हिला नहीं पाए थे भीम?

पूजा पाठअहिरावण वध के लिए हनुमान जी ने धारण किया था पंचमुखी स्वरूप?, श्रीराम-लक्ष्मण को कैद से मुक्त कराया, जानें कहानी

भारतएचएस फूलका ने आप को दिया झटका, बीजेपी में शामिल

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम