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अयोध्या फैसला: सामान्य दिनों की तरह भोपाल में खुले रहे बाजार, पुलिस रही मुस्तैद

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: November 10, 2019 23:09 IST

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर शनिवार को आए फैसले के बाद आज रविवार को राजधानी भोपाल में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल दिखाई दी. सुबह से ही सड़कों पर प्रतिदिन की तरह वाहन दौड़ते रहे. हालांकि रविवार का दिन होने के कारण छुट्टी जैसा माहौल था.

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ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिन की शुरुआत सामान्य दिनों की तरह ही रही. सुबह से नगर वाहन सेवा चालू रही, बाजारों में भी दुकानें खुली, आमदिनों की तरह लोग बाजार पहुंचे और खरीदारी करते रहे. वहीं, पुलिस बल आज भी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिन की शुरुआत सामान्य दिनों की तरह ही रही. सुबह से नगर वाहन सेवा चालू रही, बाजारों में भी दुकानें खुली, आमदिनों की तरह लोग बाजार पहुंचे और खरीदारी करते रहे. वहीं, पुलिस बल आज भी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा. कलेक्टर तरुण पिथोड़े और डीआईजी इरशाद वली ने कई क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर लोगों से बातचीत की और शांति बनाए रखने की अपील की.

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर शनिवार को आए फैसले के बाद आज रविवार को राजधानी भोपाल में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल दिखाई दी. सुबह से ही सड़कों पर प्रतिदिन की तरह वाहन दौड़ते रहे. हालांकि रविवार का दिन होने के कारण छुट्टी जैसा माहौल था. लोग अपने घरों से सुबह की सैर के लिए भी निकले. हालांकि धारा 144 के कारण कम दुकानें ही खुली. पेट्रोल पंप भी चालू रहे और नगर वाहन सेवा भी सुबह से चलती रही. 

पुलिस बल तीन दिनों से मुस्तैदी के साथ चप्पे-चप्पे पर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है. पुलिस ने आज भी सड़क किनारे लगाई जाने वाली पान और चाय की दुकानों को सुबह से ही बंद कराए रखा. इन दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि आगामी आदेश तक दुकानें बंद रखें. वहीं अधिकांश छोटी नाश्ते की दुकानें भी बंद रही. वहीं आज दूसरे दिन रविवार को भी राजधानी की शराब दुकानें बंद रही.

सामान्य हुआ जनजीवन

जिला प्रशासन के मुताबिक भोपाल शहर में ऐहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है. नागरिकों की आपसी समझदारी और प्रशासन की सूझबूझ से की गई व्यवस्थाओं से भोपाल में जनजीवन सामान्य है और सभी ओर शांति है. रोज की तरह यात्री वाहन, दुकानें, पेट्रोल पंप, अस्पताल आदि खुले हुए है और कही से भी किसी अप्रिय खबर तक नही है. पूरे शहर में सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था है. कलेक्टर तरुण पिथोड़े और डीआईजी इरशाद वली अन्य अधिकारियों ने आज भी राजधानी के कई इलाकों में पहुंचकर निरीक्षण किया.वहीं कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव और एडीजी आदर्श कटियार भी कंट्रोल रूम में बैठकें करते रहे और कानून व्यवस्था पर नजर रखे रहे.

धरना प्रदर्शन, रैली की जारी सभी अनुमतियां निरस्त

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तरूण पिथोड़े के निर्देशानुसार भोपाल जिले में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और जिले के अनुविभागीय अधिकारी ने अपने क्षेत्र की जारी की गई धरना, प्रदर्शन, रैली, जलसा, जुलूस, चल समारोह आदि कार्यक्रमों की जारी अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया है. पिथोड़े ने निरस्त की गई अनुमतियों की व्यक्तिगत रूप से जानकारी भी प्रेषित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोपाल जिले में धारा 144 लागू की है, यह आदेश 30 नवम्बर की प्रात: 6 बजे तक लागू रहेगा. यह आदेश पारिवारिक सदस्यों, विवाह समारोह, बारात तथा शवयात्रा और शासकीय कार्यालयों, चिकित्सालय, शिक्षण संस्थाओं, होटल, दुकान, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं पर प्रभावशील नहीं रहेगा.

5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ नहीं घूमेंगे

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ किसी भी स्थान पर एकत्रित नहीं हो सकते हैं. कोई भी व्यक्ति धरना, रैली, प्रदर्शन का न तो निर्देशन करेगा और न ही उसमें भाग लेगा और न ही कोई सभा आयोजित कर सकेगा. कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चल सकता है. कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिसके फलस्वरूप शिक्षण संस्थाओं, होटल, दुकान, उद्योग एवं निजी अथवा सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हो, इस आदेश का उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी.

भाजपा प्रवक्ताओं पर रोक

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजधानी भोपाल में बीजेपी मुख्यालय में प्रवक्ताओं की बैठक आयोजत की गई. प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने बैठक कर पार्टी के प्रवक्ताओं और वक्ताओं को इस मामले में बोलने में अपना पक्ष रखने में संयम बरतने को कहा है. राकेश सिंह ने भाजपा ने प्रवक्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे फैसले पर विवादित टिप्पणी न करें.

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