लाइव न्यूज़ :

अनुच्छेद 370ः कश्मीर में सरकार ने विज्ञापन में कहा- आतंकियों से डरने की जरूरत नहीं, यह हमारा घर है, डर क्यों ?

By भाषा | Updated: October 11, 2019 17:08 IST

अखबारों में प्रकाशित विज्ञापनों में कहा गया है, ‘‘क्या हमें आतंकियों के सामने घुटने टेकना है? पिछले 70 साल से अब तक जम्मू कश्मीर के लोगों को गुमराह किया गया। वे शातिर अभियानों के पीड़ित रहे हैं। निहित स्वार्थों के साथ दुष्प्रचार करते हुए आतंकवाद, हिंसा, बर्बादी गरीबी के अंतहीन चक्र में उन्हें फंसाए रखा गया।’’

Open in App
ठळक मुद्देराज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटे जाने के फैसले के बाद कश्मीर घाटी में पांच अगस्त के बाद से पाबंदी लागू है।उकसाकर अलगाववादी अपने बच्चों को पढ़ाई, रोजगार और पैसा कमाने के लिए विदेश भेजते हैं।

विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद लगायी गयी पाबंदी के 68 दिन होने के साथ, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने स्थानीय अखबारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन जारी कर लोगों को आतंकियों की धमकियों से नहीं डरने और अपनी सामान्य गतिविधियां बहाल करने को कहा है।

कश्मीर के विभिन्न अखबारों में प्रकाशित विज्ञापनों में कहा गया है, ‘‘क्या हमें आतंकियों के सामने घुटने टेकना है? पिछले 70 साल से अब तक जम्मू कश्मीर के लोगों को गुमराह किया गया। वे शातिर अभियानों के पीड़ित रहे हैं। निहित स्वार्थों के साथ दुष्प्रचार करते हुए आतंकवाद, हिंसा, बर्बादी गरीबी के अंतहीन चक्र में उन्हें फंसाए रखा गया।’’

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटे जाने के फैसले के बाद कश्मीर घाटी में पांच अगस्त के बाद से पाबंदी लागू है। विज्ञापन में सरकार ने रेखांकित किया है कि आम लोगों को अपने बच्चों को हिंसा, पत्थरबाजी और हड़ताल के दलदल में धकेलने के लिए उकसाकर अलगाववादी अपने बच्चों को पढ़ाई, रोजगार और पैसा कमाने के लिए विदेश भेजते हैं।

विज्ञापन में कहा गया कि आतंकवादियों का डर दिखाकर और दुष्प्रचार के लिए लोगों को बरगलाया जाता है। आज आतंकवादी उसी प्रकार की चालें अपना रहे हैं । क्या हम इसे बर्दाश्त करते रहेंगे । सरकार ने लोगों से पूछा है कि क्या वे दशकों पुरानी डराने धमकाने की चालों के प्रभाव में आते रहेंगे?

सरकार ने कहा कि घाटी की भलाई के लिए कश्मीर के लोगों को ही सोचना है। इसमें कहा गया , ‘‘यह हमारा घर है। हमें इसकी भलाई और खुशहाली के बारे में सोचना होगा। डर क्यों ? ’’ 

टॅग्स :धारा ३७०जम्मू कश्मीरआर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)मोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं