Amit Shah to table Citizenship Amendment Bill in Rajya Sabha at 2 pm today | नागरिकता संसोधन विधेयक आज दो बजे राज्यसभा में पेश करेंगे अमित शाह, बीजेपी को बिल के पारित होने को लेकर आश्वस्त
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Highlightsविपक्ष के नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में लामबंद होने के बावजूद सत्तारूढ़ बीजेपी को उम्मीद है कि बुधवार को यह विधेयक जब राज्यसभा में लाया जाएगा तो इसे आसानी से पारित करवा लिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पेश करेंगे।

विपक्ष के नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में लामबंद होने के बावजूद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को उम्मीद है कि बुधवार को यह विधेयक जब राज्यसभा में लाया जाएगा तो इसे आसानी से पारित करवा लिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पेश करेंगे। वह विधेयक को दोपहर 2 बजे सदन में पेश करेंगे। बता दें, यह बिल लोकसभा से पास किया जा चुका है।

इधर, बीजेपी नीत राजग के सूत्रों ने बताया कि उसे 240 सदस्यों की प्रभावी संख्या वाली राज्यसभा में इस विधेयक पर मतदान में 124-130 वोट मिल सकते हैं। लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश विधेयक सोमवार देर रात आसानी से पारित हो गया जहां सत्तारूढ़ भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त है। विपक्षी नेताओं को छह सदस्यीय तेलंगाना राष्ट्रीय समिति का समर्थन मिलने के कारण उसके हौसले बुलंद हैं।

अभी तक कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार का साथ दे चुकी टीआरएस ने इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय किया है। इसके साथ लोकसभा में विधेयक के पक्ष में खड़ी शिवसेना ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह भी उच्च सदन में इसका विरोध कर सकती है। सदन में भाजपा के 83, जद (यू) के छह, अकाली दल के तीन तथा लोजपा, आरपीआई..ए के एक..एक तथा 11 मनोनीत सदस्य शामिल हैं।

बीजेपी अन्नाद्रमुक से बात कर रही है जिसके 11 सांसद हैं । बीजद के सात सांसद, वाईएसआर कांग्रेस के दो तथा तेदेपा के दो सदस्य हैं। भाजपा को इन दलों के समर्थन की भी उम्मीद है । भाजपा को उम्मीद है कि इन दलों के समर्थन से वह 120 सदस्यों के बहुमत के आंकड़े को प्राप्त कर लेगी।

विपक्षी खेमे में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा, सपा, द्रमुक, राजद, वाम, राकांपा एवं टीआरएस के क्रमश: 46, 13, चार, नौ, पांच, चार, छह, चार और सदस्य हैं। इनको मिलाकर कुल 97 सदस्य हैं। शिवसेना, आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य दलों के सदस्यों को मिलाकर यह आंकड़ा 110 पर पहुंचता है। 

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि ऐसे अवैध प्रवासियों को जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 की निर्णायक तारीख तक भारत में प्रवेश कर लिया है, उन्हें अपनी नागरिकता संबंधी विषयों के लिए एक विशेष शासन व्यवस्था की जरूरत है।

विधेयक में हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को भारतीय नागरिकता के लिये आवेदन करने से नहीं वंचित करने की बात कही गई है । इसमें कहा गया है कि यदि कोई ऐसा व्यक्ति नागरिकता प्रदान करने की सभी शर्तो को पूरा करता है तब अधिनियम के अधीन निर्धारित किये जाने वाला सक्षम प्राधिकारी, अधिनियम की धारा 5 या धारा 6 के अधीन ऐसे व्यक्तियों के आवेदन पर विचार करते समय उनके विरूद्ध अवैध प्रवासी के रूप में उनकी परिस्थिति या उनकी नागरिकता संबंधी विषय पर विचार नहीं करेगा।

भारतीय मूल के बहुत से व्यक्ति जिनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान के उक्त अल्पसंख्यक समुदायों के व्यक्ति भी शामिल हैं, वे नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 5 के अधीन नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं। किंतु यदि वे अपने भारतीय मूल का सबूत देने में असमर्थ है, तो उन्हें उक्त अधिनियम की धारा 6 के तहत ‘‘देशीयकरण’’ द्वारा नागरिकता के लिये आवेदन करने को कहा जाता है । यह उनको बहुत से अवसरों एवं लाभों से वंचित करता है।

इसमें कहा गया कि इसलिए अधिनियम की तीसरी अनुसूची का संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है जिसमें इन देशों के उक्त समुदायों के आवेदकों को ‘‘देशीयकरण द्वारा नागरिकता के लिये पात्र बनाया जा सके’’। इसके लिए ऐसे लोगों मौजूदा 11 वर्ष के स्थान पर पांच वर्षो के लिए अपनी निवास की अवधि को प्रमाणित करना होगा । इसमें वर्तमान में भारत के कार्डधारक विदेशी नागरिक के कार्ड को रद्दे करने से पूर्व उन्हें सुनवाई का अवसर प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है।  

विधेयक में संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले पूर्वोत्तर राज्यों की स्थानीय आबादी को प्रदान की गई संवैधानिक गारंटी की संरक्षा करने और बंगाल पूर्वी सीमांत विनियम 1973 की ‘‘आंतरिक रेखा’’ प्रणाली के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को प्रदान किये गए कानूनी संरक्षण को बरकरार रखने के मकसद से है ।

Web Title: Amit Shah to table Citizenship Amendment Bill in Rajya Sabha at 2 pm today
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