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मिल गई कोविड की सबसे मारक दवा! Molnupiravir की दुनिया भर में चर्चा, स्टडी में 24 घंटे में कोरोना रोकने का दावा

By विनीत कुमार | Updated: December 8, 2020 13:03 IST

कोरोना वायरस के वैक्सीन को लेकर दुनिया भर में रिसर्च अभी जारी हैं। कई अच्छे नतीजे भी आए हैं। इस बीच Molnupiravir की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी है। एक स्टडी में दावा किया गया है कि इसमें कोरोना के संक्रमण को 24 घंटे में फैलने से रोकने की क्षमता है।

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ठळक मुद्देमोल्नूपीराविर या MK-4482/EIDD-2801 एक एंटीवायरल ड्रग है, नेचर माइक्रोबायोलॉजी में छपी है स्टडी भारत सरकार का वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) भी अब इसके ह्यूमन ट्रायल पर विचार कर रहा हैस्टडी के अनुसार जानवरों पर परीक्षण में ये संक्रमण को फैलने से रोकने में कारगर साबित हुआ है

कोरोना संक्रमण के प्रकोप के बीच एक दवा मोल्नूपीराविर (Molnupiravir) भी चर्चा में आ गई है। मोल्नूपीराविर या MK-4482/EIDD-2801 एंटीवायरल ड्रग है और दावा किया जा रहा है कि 24 घंटे में ये दवा SARS-CoV2 के फैलने को रोकने की क्षमता रखती है। 

इससे संबंधित एक स्टडी जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी (GSU) के नेचर माइक्रोबायोलॉजी में छपी है। दावों के भारत में भी इसे लेकर मंथन शुरू हो गया है। भारत सरकार का वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद यानी CSIR अब इसके ह्यूमन ट्रायल पर विचार कर रहा है।

Molnupiravir की स्टडी से जगी उम्मीद

Molnupiravir को लेकर दावे अगर शत-प्रतिशत सही होते हैं और दुनिया भर के जानकार इसपर एकमत हो गए तो कोरोना को जल्द खत्म करने में बड़ी मदद मिलेगी।

जीएसयू के इस स्टडी के ऑथर रिचर्ड प्लेमपर के अनुसार, 'ये पहला ऐसा प्रदर्शन है जिसमें मुंह से लिए दवा से SARS-CoV-2 ट्रांसमिशन को जल्द खत्म करने की बात कही गई है। ये गेम चेंजर साबित होगा।'

चूकी इस दवा को मुंह से लिया जा सकता है, इसलिए उपचार को आसानी से और जल्दी शुरू किया जा सकता है। इससे कोरोना से ग्रसित लोगों को गंभीर स्थिति में पहुचने से रोका जा सकेगा। लंबे समय तक रोगी को अलग-थलग रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और भावनात्मक तौर पर भी उसे नुकसान नहीं होगा। साथ ही कोरोना को तेजी से फैलने से भी रोका जा सकेगा।

मोल्नूपीराविर दवा फर्मास्यूटिकल फर्म मर्क और रिजबैक मिलकर बना रहे हैं। स्टडी के अनुसार MK-4482/EIDD-2801 का परीक्षण जावनरों पर किया गया और ये पाया गया कि संक्रमण नहीं फैला। इसे ही देख वैज्ञानिक इस उम्मीद में हैं कि कोरोना को जल्द खत्म किया जा सकेगा। स्टडी में कहा गया है कि मोल्नूपीराविर क्लिनिकल ट्रायल के दूसरे और तीसरे चरण में है।

गौरतलब है कि मोल्नूपीराविर उस समय चर्चा में आई है जब कोरोना वायरस की महामारी के खिलाफ पूरी दुनिया में वैक्सीन को लेकर टेस्ट लगातार चल रहे हैं। ब्रिटेन ने फाइजर- बायोएनटेक के टीके को मंजूरी भी दे दी है जिसे इस हफ्ते से दिया जा रहा है। वहीं, कई और वैक्सीन हैं जिनका ट्रायल अभी चल रहा है।

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