HighlightsTikTok के भारत में लगभग 119 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता थे और गूगल प्ले स्टोर स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर टॉप 10 ऐप में शामिल था।अगर आपके पास आपके फोन में TikTok ऐप इंस्टॉल है, तो आप इसे Google Play स्टोर पर भी देख पाएंगे। एक बार जब आप इसे अनइंस्टॉल कर देंगे तो टिक-टॉक ऐप दिखाई नहीं देगा।

नई दिल्ली: भारत ने सोमवार (29 जून)  को चीन से संबंध रखने वाले 59 मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया है। जिसमें लोकप्रिय टिक-टॉक ( TikTok) और यूसी ब्राउजर (UC Browser) जैसे ऐप भी शामिल हैं। आज (30 जून) को टिक-टॉक को गूगल प्ले स्टोर ( Google Play store) और  ऐप्पल ऐप स्टोर (Apple App store) से हटा लिया गया है। जिन उपयोगकर्ताओं के पास टिक-टॉक (TikTok )ऐप पहले से डाउनलोड है, वे अभी भी ऐप का उपयोग कर सकते हैं और वीडियो पोस्ट कर सकते हैं लेकिन आधिकारिक तौर पर अब देश में प्लेटफ़ॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इंडियन एक्सप्रेक की रिपोर्ट के मुताबिक, टिक-टॉक (TikTok) के भारत में लगभग 119 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता थे और गूगल प्ले स्टोर स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर टॉप 10 ऐप में से एक था। जिन उपयोगकर्ताओं के पास अभी भी अपने मोबाइल फोन पर टिक-टॉक (TikTok) ऐप है, वे अभी भी इसका उपयोग कर सकते हैं। ऐप को अब डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। भारत में प्रतिबंधित अधिकांश अन्य चीनी ऐप अभी भी डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं।

अगर आपके पास आपके फोन में टिक-टॉक (TikTok) ऐप इंस्टॉल है, तो आप इसे Google Play स्टोर पर भी देख पाएंगे। एक बार जब आप इसे अनइंस्टॉल कर देंगे तो टिक-टॉक (TikTok) ऐप दिखाई नहीं देगा।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारत में 59 चीनी ऐप बैन: जैनें लिस्ट में कौन-कौन से शामिल

चीन से संबंध रखने वाले 59 मोबाइल ऐप जो भारत में बैन किए गए हैं उस लिस्ट में वीचैट , बीगो लाइव ,हैलो, लाइकी, कैम स्कैनर, वीगो वीडियो, एमआई वीडियो कॉल - शाओमी, एमआई कम्युनिटी, क्लैश ऑफ किंग्स के साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफार्म क्लब फैक्टरी और शीइन शामिल हैं। ऐसे में इस फैसले ने चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों की बड़ी सफाई कर दी है। 

भारत में टिक-टॉक के 20 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जबकि शाओमी सबसे बड़ा मोबाइल ब्रांड है। अलीबाबा का यूसी ब्राउजर एक मोबाइल इंटरनेट ब्राउजर है, जो 2009 से भारत में उपलब्ध है। इसका दावा है कि सितंबर 2019 में दुनिया भर (चीन को छोड़कर) में उसके 1.1 अरब उपयोगकर्ता थे, जिसमें आधे भारत से थे। वेंचर इंटेलिजेंस के अनुसार अलीबाबा, टेंसेंट, टीआर कैपिटल और हिलहाउस कैपिटल सहित चीनी निवेशकों ने 2015 से 2019 के बीच भारत के स्टार्टअप कंपनी क्षेत्र में 5.5 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है। 

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

 सरकार ने बताया क्यों लगाया 59 चाइनीज ऐप पर बैन

भारत ने सोमवार (29 जून) को चीन से संबंध रखने वाले 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें लोकप्रिय टिक-टॉक और यूसी ब्राउजर जैसे ऐप भी शामिल हैं।  सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी कानून और नियमों की धारा 69ए के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन एप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ऐप ‘‘उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें गुपचुक तरीके से भारत के बाहर स्थित सर्वर को भेजते हैं।

 बयान में कहा गया, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति शत्रुता रखने वाले तत्वों द्वारा इन आंकड़ों का संकलन, इसकी जांच-पड़ताल और प्रोफाइलिंग अंतत: भारत की संप्रभुता और अखंडता पर आधात होता है, यह बहुत अधिक चिंता का विषय है, जिसके खिलाफ आपातकालीन उपायों की जरूरत है।

English summary :
TikTok App had around 119 million active users in India and was one of the top 10 apps on the Google Play Store and Apple App Store. Users who still have the TikTok app on their mobile phones can still use it. The app can no longer be downloaded. Most other Chinese apps banned in India are still available for download.


Web Title: after India bans 59 Chinese apps TikTok removed from Google Play store, App Store
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