डायबिटीज के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण पूर्व एशिया में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने, पर्यावरण अनुकूल क्षेत्र तथा आउटडोर जिम बनाने और परिवारों को सशक्त बनानें जैसे कई उपाय सुझाय हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया में मधुमेह के 9.1 करोड़ मरीज हैं और करीब 4.9 करोड़ लोगों अपनी हालत से अवगत नहीं हैं। 

सिंह ने कहा कि मधुमेह से निपटने में क्षेत्र की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को परिवारों को सशक्त बनाना चाहिए क्योंकि मधुमेह के जोखिमों के बारे में जागरूकता फैलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले वे ही मधुमेह के संकेत, उससे जुड़ी समस्याओं और जटिलताओं को पहचानते हैं। अच्छी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही मधुमेह से लड़ने में परिवार की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।' 

परिवारों को सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन अभियानों के माध्यम से जागरूक किया जा सकता है। इन अभियानों में इस बात पर भी जोर दिया जाना चाहिए कि कैसे कोई परिवार स्वस्थ आदतें विकसित कर सकता है। सिंह ने कहा कि यह ‘टाइप 2’ मधुमेह के मामलों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि खानपान की अच्छी आदतों और सही व्यायाम के जरिए उससे निपटा जा सकता है। 

पर्यावरण अनुकूल क्षेत्र तथा आउटडोर जिम बनाने से वजन संबंधी परेशानियों से भी निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी परिवारों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होनी चाहिए। प्राथमिक स्तर की सेवाएं मधुमेह का पता लगाने में सक्षम होनी चाहिए। अच्छी दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की एक विश्वसनीय आपूर्ति जो इनसे निपटने में मदद कर सकती है, उन तक आसान पहुंच होनी चाहिए।

ज़िकिट्ज़ा हेल्थकेयर लिमिटेड (ZHL) के मेडिकल डायरेक्टर और कंसल्टेंट डॉक्टर संतोष दातार  के अनुसार, डायबिटीज विश्व स्तर पर सबसे अधिक प्रचलित जीवनशैली की बीमारियों में से एक है। टाइप 1 डायबिटीज ज्यादातर बच्चों या युवा वयस्कों को प्रभावित करता है और शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण होता है। टाइप 2 डायबिटीज वयस्कों में देखा जाता है और मुख्य रूप से इंसुलिन प्रतिरोध के कारण होता है यानी शरीर की कोशिकाओं की इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में असमर्थता। दोनों हाई ब्लड शुगर लेवल बढ़ाते हैं। 

डायबिटीज के लक्षण

डायबिटीज के संभावित लक्षणों में अत्यधिक प्यास, भूख और पेशाब, वजन में कमी, थकान, घाव का धीमे ठीक होना, हाथों और पैरों में सुन्नता आदि हैं। हालांकि, डायबिटीज के कई रोगियों में कोई लक्षण नहीं होते हैं। इससे आपको इस्केमिक हार्ट डिजीज, किडनी डैमेज, आंखों को नुकसान, तंत्रिका क्षति, फूट गैंग्रीन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

डायबिटीज के कारण

वंशानुगत कारकों के अलावा, खराब जीवन शैली के विकल्प जैसे कि अधिक भोजन, जंक फूड, कैलोरी और चीनी का अत्यधिक सेवन (कोल्ड ड्रिंक्स और अल्कोहल के रूप में), व्यायाम की कमी, धूम्रपान, अपर्याप्त नींद, तनाव, कार्य-जीवन के संतुलन को बनाए नहीं रखना इसके प्रमुख कारण हैं। 

डायबिटीज से बचने के उपाय

एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना डायबिटीज की रोकथाम और प्रबंधन की कुंजी है। इनमें पर्याप्त नींद, संतुलित और पौष्टिक भोजन (जिसमें रोटी, सब्जियाँ, चावल, दाल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, फल, दही / छाछ और सलाद शामिल हों) शामिल हैं।

इन चीजों से परहेज करें डायबिटीज के मरीज

सभी जंक फूड्स (जैसे बिस्कुट, मीठे फलों का रस, नूडल्स, केक, पेस्ट्री, कुकीज, पैक्ड स्नैक आइटम, कोल्ड / एनर्जी ड्रिंक्स, पिज्जा, बर्गर, फास्ट फूड आइटम्स, डोनट्स, डीप फ्राइड आइटम्स, रिफाइंड शुगर आदि) से परहेज करें।

इन बातों का भी रखें ध्यान

शराब और धूम्रपान से बचना, नियमित व्यायाम, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, इष्टतम वजन और लिपिड स्तर बनाए रखना, इष्टतम कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखना, तनाव से बचना, क्रोध से बचना, स्वस्थ बनाए रखना, ध्यान और विश्राम का अभ्यास करना, नियमित रूप से चिकित्सा जांच कराना आदि डायबिटीज को कंट्रोल रखने में कारगर उपाय हैं।

English summary :
The World Health Organization has suggested several measures to primary health care in South East Asia, to create eco-friendly zones and outdoor gyms, and to empower families to deal with the increasing cases of diabetes.


Web Title: World Diabetes Day : Follow these WHO tips to get rid and prevent of diabetes
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