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कही आप भी आई इन्फेक्शन और कंजैक्टिवाइटिस को एक समझने की गलती तो नहीं कर रहें? जानें दोनों में क्या है फर्क और लक्षण

By अंजली चौहान | Updated: July 26, 2023 18:26 IST

इन मौसम में आंखों में कंजैक्टिवाइटिस की बीमारी देखी जा रही है इसके लक्षणों को सही समय पर पहचानना और ठीक करना जरूरी है।

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ठळक मुद्देआंखों में एलर्जी और कंजैक्टिवाइटिस में फर्क हैकंजैक्टिवाइटिस होने पर मरीज को आंखों में जलन होती हैआंखों से बहुत पानी आता है

नई दिल्ली: मानसूम के कारण इस मौसम में तेजी से लोगों को बीमरियां अपना शिकार बना रही है। कई लोगों में आंखों को लेकर परेशानी देखने को मिल रही है। बारिश के मौसम में लोगों को कंजैक्टिवाइटिस की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

इसके रोजाना कई केस सामने आ रहे हैं और यह बच्चों से लेकर बड़ों को अपना शिकार बना रहा है। अब सवाल उठता है कि ये कंजैक्टिवाइटिस है क्या और इससे पहले जो आंखों में इन्फेक्शन होते थे ये उससे अलग है या उसी का एक प्रकार?

कंजैक्टिवाइटिस या पिंक आई

कंजैक्टिवाइटिस या पिंक आई फ्लू इस समय सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। आंखों से जुड़ी ये समस्या बच्चों और बड़ों दोनों में देखने को मिल रही है। मानसून के मौसम में नमी होने के कारण संक्रमण हमारे पास ज्यादा देर तक टिक जा रहे इसलिए ये समस्या अधिक बढ़ रही है। 

इसे आमतौर पर इन्फेक्शन कहा जा रहा है। यह आंख के सफेद भाग में संक्रमण के कारण फैल रहा है। वैसे तो यह दो हफ्तों में खुद ही ठीक हो जा रहा है लेकिन इसके केस में डॉक्टरों से सलाह लेने की जरूरत है। डॉक्टर ऐसे लोगों को कुछ ओरल पिल्स, आई ड्रॉप्स, गंभीर मामलों में स्टोरॉइड या इम्यूनोथैरेपी दे सकते हैं। 

कंजैक्टिवाइटिस के लक्षण 

- कंजैक्टिवाइटिस होने पर आंखों को रंग लाल या पिंक हो जा रहा है।

- आंखों में तेजी से पानी गिरने की दिक्कत।

- आंखों में खुजली और जलन होना।

- ये इन्फेक्शन होते ही आंखों में अजीब सनसनी महसूस होती है। 

कैसे करें इससे बचाव?

- कंजैक्टिवाइटिस आई होने पर आंखों को ठंडे पानी से धोना चाहिए। 

- आंखों को बार-बार छूने से बचें।

- गंदा तौलिया या कपड़ा इस्तेमाल न करें।

- गंदे हाथों से आंखों को बार-बार न छुए और आंखों के आस-पास का एरिया साफ रखें। 

आंखों में एलर्जी के क्या कारण है?

आंखों में एलर्जी होने को आमतौर पर आंख आना कहा जाता है और ये किसी भी मौसम में हो सकता है। आंखों में एलर्जी और कंजैक्टिवाइटिस के कई लक्षण वैसे तो एक जैसे हैं लेकिन इनमें फर्क भी है। आंखों में एलर्जी के कई कारण हो सकते हैं जैसे- आंख में कुछ चले जाना या केमिकल का जाना, आंखों में इन्फेक्शन हो जाना।

आंखों में एलर्जी आमतौर पर आंखों के किनारे दाना निकलने के बाद दिखाई देती है और आंखों की पलके सूज जाती है। समस्या अधिक होने पर पूरी आंख सूज कर बंद तक हो जाती है। जबकि कंजैक्टिवाइटिस में ऐसा नहीं होता उसमें आंख बंद नहीं होती। 

क्या है इसके लक्षण? 

- आंखों से धुंधला दिखाई देना।

- आंखों में हर समय चुभन और जलन।

- पलकों का खूब सूजना।

- आंखों में खुजली होना।

आंख में एलर्जी का इलाज

- आंखों में एलर्जी या आंख आने पर सबसे पहले किसी डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है ताकि ये पता किया जा सके कि ये फैल तो नहीं रहा।

- गर्म पानी कर उसे ठंडा करके आंखों को रूई से धोना चाहिए।

- किसी और का तौलिया और कोई गंदा कपड़ा आंखों पर इस्तेमाल करने से बचें।

- आंखों में एलर्जी होने पर इसे छेड़े नहीं और ज्यादा देर तक फोन और टीवी नहीं देखना चाहिए। 

- आंख आने पर इसे कवर करें या चश्मा पहने।

- आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें। 

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है। इस लेख में दिए गए सुझाव की लोकमत हिंदी पुष्टि नहीं करता। किसी भी तरह की सलाह मानने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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