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अंतरिम बजट 2019: 5 साल में 14 एम्स की घोषणा कर चुकी मोदी सरकार अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं कर सकी एक भी एम्स

By उस्मान | Updated: February 2, 2019 10:19 IST

2014 से सत्ता में आई मोदी सरकार अब तक कुल 14 नए एम्स बनाने की घोषणा कर चुकी है और हैरानी की बात यह है कि इनमें से एक भी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है।

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वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019 (Interim Budget 2019) पेश करते हुए हरियाणा में 22वां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान All India Institutes of Medical Sciences (AIIMS) एम्स बनाने की घोषणा की है।

साल 2014 से सत्ता में आई मोदी सरकार पिछले पांच साल में इसे मिलाकर 14 नए एम्स बनाने की घोषणा कर चुकी है। वर्तमान में, देश में नौ एम्स चालू हैं, जो नई दिल्ली, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर, ऋषिकेश, मंगलगिरी, भोपाल और नागपुर में स्थित हैं। बेशक मोदी सरकार के लिए यह एक बड़ी उपलब्धी है लेकिन हक़ीक़त यह है कि मोदी सरकार में एक भी एम्स पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। 

अरुण जेटली ने एम्स मंगलगिरी और एम्स नागपुर की घोषणा साल 2014-15 के बजट में की थी। यह दोनों अभी पूरी तरह बने नहीं हैं लेकिन एम्स मंगलगिरी को विजयवाड़ा के सरकारी सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में अस्थायी परिसर से शुरू किया है। जबकि एम्स नागपुर की दुसरे सरकारी मेडिकल कॉलेज में अस्थायी रूप से शुरू किया गया है।

आंध्रप्रदेश एम्स आरटीआई के आधार पर इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, आंध्रप्रदेश में एम्स बनाने के लिए 1618 करोड़ रुपये का वादा किया गया जबकि 233.88 करोड़ रुपये ही जारी हुए। इसके बनने की डेडलाइन 2020 है लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। 

पश्चिम बंगाल एम्ससाल 2015 में पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में 2020 तक एम्स बनाने के घोषणा हुई थी। इसके लिए 1754 करोड़ रुपये की घोषणा हुई थी लेकिन 278 करोड़ ही जारी हुए। इस पर फिलहाल काम चल रहा है। 

असम एम्सअसम के कामरूप जिले में एम्स की परियोजना के लिए केंद्र ने मई, 2015 में 1,123 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी थी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा वेटलैंड होने के लिए चुने गए स्थल पर काम रोकने के आदेश के बाद यह परियोजना विवादों में घिर गई। 

उत्तर प्रदेश एम्सउत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक एम्स के लिए स्वीकृति अक्टूबर 2016 में 1,011 करोड़ रुपये की लागत से दी गई थी। यह परियोजना निर्धारित समय पर चल रही है। भाजपा अगले साल उत्तर प्रदेश में इसे चुनावी मुद्दा बनाने के मकसद से शुरू कर सकती है।

झारखंड एम्सझारखंड के देवघर में एम्स की घोषणा पिछले साल 2017  के बजट में की गई थी। इसी साल 16 मई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1,103 करोड़ रुपये की लागत से इसे मंजूरी दी। सरकार ने एम्स परिसर के लिए लगभग 237 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। इसने स्वीकृत बजट के 9 करोड़ रुपये जारी किए हैं। काम चालू है। 

हिमाचल प्रदेश एम्सपीएम मोदी ने अक्टूबर 2017 में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में 1,350 करोड़ रुपये की एम्स परियोजना की आधारशिला रखी। कोठीपुरा में इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन पिछले साल तक एक भी ईंट नहीं रखी गई।

पंजाब एम्सपीएम मोदी ने नवंबर 2016 में पंजाब के बठिंडा में एम्स की आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने वादा किया कि परियोजना 2020 में चालू होगी। लेकिन निर्माण की गति धीमी है।

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