लाइव न्यूज़ :

सावधान! दिवाली इन लोगों के लिए हो सकता है काफी खतरनाक, बढ़ सकती है परेशानी, संभल कर रहे ये लोग

By आजाद खान | Updated: October 23, 2022 18:46 IST

जानकारों की माने तो दिवाली पर बुजुर्गों को काफी दिक्कत होती है। इससे उन्हें सांस लेने में काफी परेशानी होती है जिससे उनकी तबियत भी बिगड़ सकती है।

Open in App
ठळक मुद्देदिवाली पर बम-पटाखों छोड़ने और आतीशबाजी करने से हवा काफी प्रदूषित हो जाती है। इस कारण इससे कुछ लोग परेशान भी हो सकते है और इससे उनकी तबियत भी बिगड़ सकती है। ऐसे में किन-किन लोगों को दिवाली पर ज्यादा सावधान रहना चाहिए, आइए जान लेते है।

Diwali Health Care: पूरे देश में आज धनतेरस और कल दिवाली मनाई जाएगी, ऐसे में दिवाली पर हमारा वातावरण काफी प्रदूषित हो जाता है। ऐसे वातावरण में फेफड़ों के मरीज और बुजुर्ग लोगों को काफी दिक्कत होती है। उनके लिए सामान्य वातावरण में सांस लेना काफी परेशानी का सबब बन जात है। 

ऐसे में आइए जान लेते है कि यह दिवाली किन-किन लोगों के लिए ज्यादा रिस्क साबित होती है और ऐसे में वे कैसे इससे ज्यादा प्रभावित हो सकते है। 

1. बुजुर्ग लोग 

बीएल एफ के मुताबिक, जो लोग बुजुर्ग होते है- उन्हें दिवाली का काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। पर्व के दौरान वातावरण काफी प्रदूषित होने के कारण इन्हें साफ हवा में सांस लेने से काफी दिक्कत होती है। 

यही नहीं ये जब बाहर निकलते है तो इन्हें खांसी और प्रदूषण के अन्य लक्षण भी देखने को मिल सकते है। ऐसे में यह लक्षण इनके शरीर के लिए बहुत ही बुरा साबित होते है। 

2. फेफड़ों के रोगी 

खांसी या फिर फेफड़ों से जुड़ी रेस्पिरेटरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इस सीजन में खासतौर पर दिवाली पर काफी परेशानी होती है। फेफड़ों का रोगी कोई भी हो सकता है, ऐसे में सभी को इस दिवाली पर ध्यान रखना चाहिए। 

इस पर्व पर खासतौर पर लोगों को खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। ऐसे में इससे बचाव करना काफी जरूरी है। 

3. अस्थमा के मरीज

जिन लोगों को अस्थमा की समस्या है, उन्हें दिवाली पर बेहद अलर्ट रहना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन हवा काफी प्रदूषित रहती है जिस कारण उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। इससे आगे चलकर उनकी तबियत भी खराब हो सकती है। 

4. एलर्जिक लोग 

जिन लोगों को धूल मिट्टी आदि से एलर्जी होती है, उन्हें भी दिवाली के दिन अपना ध्यान सही से रखना चाहिए। ऐसा इसलिए कि बम-पटाखों छोड़ने और आतीशबाजी करने के कारण पूरा वातावरण प्रदूषित रहता है जिससे उन में एलर्जिक की समस्या और भी बढ़ सकती है और वे बीमार भी पड़ सकते है। 

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Lokmat Hindi News इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टरों से जरूर संपर्क करें।)

टॅग्स :हेल्थ टिप्सदिवालीफिटनेस टिप्सवीमेन हेल्थ टिप्समेंस हेल्थ टिप्स इन हिंदी
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब