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बुजुर्गों की याददाश्त को दुरुस्त करता है मल्टीविटामिन, नए अध्ययन में हुए चौंकाने वाले खुलासे, जानें

By आजाद खान | Updated: June 10, 2023 16:26 IST

बता दें कि शोधकर्ता यह देखने के लिए और यह अध्ययन करना चाहते हैं कि मल्टीविटामिन का प्रभाव कितने समय तक बुजुर्गों पर रहता है।

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ठळक मुद्देबुजुर्गों की याददाश्त को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। खुलासे के अनुसार, मल्टीविटामिन बुजुर्गों की याददाश्त को दुरुस्त करती है। यही नहीं इस कारण बुजुर्ग अपनी बातों को सही से और देर तक याद रख पाते है।

Health News:  हाल ही में एक अध्ययन हुआ था जिसमें यह खुलासा हुआ है कि मल्टीविटामिन बुजुर्गों के याददाश्त में सुधार कर सकते हैं। इसका खुलासा करने के लिए कुछ बुजुर्गों को मल्टीविटामिन सप्लीमेंट दिया गया तो कुछ को एक नकली गोली दी गई थी। ऐसे में जब स्टडी हुआ तो यह साफ हो गया कि एक अन्य गोली के मुकाबले मल्टीविटामिन सप्लीमेंट बुजुर्गों के लिए बेहतर है। 

इस अध्ययन में 60 साल से अधिक उम्र वाले एक हजार बुजुर्गों को शामिल किया गया था। स्टडी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। ऐसे में आइए जानते है कि इस स्टडी में क्या-क्या खुलासे हुए हैं और ये बुजुर्गों के लिए क्यों फायदेमंद है। यही नहीं हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि मल्टीविटामिन सप्लीमेंट में क्या-क्या होते है और इससे लोगों को क्या लाभ होता है। 

अध्ययन में क्या खुलासा हुआ है

COSMOS (बुजुर्ग पीढ़ी के लिए मल्टीविटामिन के साथ संज्ञानात्मक समर्थन) नामक एक अध्ययन में हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। जर्नल ऑफ एजिंग एंड कॉग्निटिव हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन के नतीजे यह बताते है कि साधारण या फिर यह कह लें कि नकली गोली के मुकाबले जिन लोगों ने मल्टीविटामिन सप्लीमेंट लिया उनकी याददाश्त अच्छी और बेहतर दिखी है। 

यह नहीं स्टडी में यह भी पाया गया कि जिन बुजुर्गों को मल्टीविटामिन सप्लीमेंट दिए गए वे जानकारी को बेहतर ढंग से याद रख पा रहे थे। यही नहीं वे अपनी याददाशत को आगे भी बनाए रख पा रहे थे और उसका उपयोग भी कर पा रहे थे। 

मल्टीविटामिन सप्लीमेंट दिमाग के लिए होते है अच्छे- जानकार

बता दें कि मल्टीविटामिन में विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो दिमाग के लिए अच्छे माने जाते हैं। इन मल्टीविटामिन सप्लीमेंट में विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन ई, ओमेगा-3 और विटामिन सी शामिल हैं। अधय्यन से कई और खुलासे भी हुए है जैसे इससे बुजुर्गों में संज्ञानात्मक गिरावट को रोकने और उसका इलाज करने के नए तरीके खोलता है। यही नहीं  शोधकर्ता यह देखने के लिए और अध्ययन करना चाहते हैं कि मल्टीविटामिन का प्रभाव कितने समय तक रहता है।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Lokmat Hindi News इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टरों से जरूर संपर्क करें।) 

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