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अजवाइन पत्ती और लहसुन की कली दिलाएगी सांस की समस्या से छुटकारा

By मेघना वर्मा | Updated: January 23, 2018 18:26 IST

अपनी डाइट में वसाका नामक जड़ी शामिल करें। वसाका ब्रीदिंग में राहत देती है और सांस लेने के रास्ते को भी खोलती है।

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बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ती लाइफस्टाइल के कारण सांस की समस्या लोगों में लगातार बढ़ रही है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार, विश्व की जनसंख्या का एक बड़ा भाग सांस की समस्या से पीड़‍त है। भारत में भी परिस्थितियां अलग नहीं हैं, हमारी देश लंग्स की बीमारी और मौतों की सूची में सबसे ऊपर है। भारत के सामने मौजूद खतरनाक परिस्थिति को देखते हुए, हम सभी के लिए सांस की इस समस्या जैसे अस्थमा आदि, को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन से प्राप्त आंकड़े यह भी खुलासा करते हैं कि विश्व के कुल अस्थमा रोगियों में से 10 रोगी भारत में हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे सुझाव देने जा रहे हैं जिनका प्रयोग करके आप सांस से होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं। 

अदरक का सेवन करें

अदरक में ऐसे कई तत्व होते हैं जो गले और सांस की समस्या से हमारा बचाव करते हैं। यह तत्व सांस लेना आसान बनाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अदरक का सेवन यदि सीधे ही या फिर चाय में या इसे जूस के रूप में भी लिया जाए, तो ये सांस में जकड़न जैसी परेशानी को कम करने में मदद करता है।

जादुई हर्ब्‍स है वसाका

अपनी डाइट में वसाका नामक जड़ी शामिल करें। वसाका, जिसे मालाबार नट भी कहते हैं, ब्रीदिंग में राहत देती है और सांस लेने के रास्ते को भी खोलती है। इसके प्रयोग से सीने की जकड़न में राहत मिलती है और बलगम का बाहर निकलना आसान हो जाता है। यह खांसी कंट्रोल में भी मददगार है। यह हमारे लंग्स की कार्य करने की क्षमता को बढ़ाती है। सुझाव दिया जाता है कि वसाका का सेवन बाजार में उपलब्ध जूस, सीरप व कैप्सूल के रूप में किया जाना चाहिए।

विटामिन से भरपूर अजवायन पत्ती

अजवायन पत्ती में वे सभी विटामिन होते हैं जो हमारी इम्‍यूनिटी के लिए लाभकारी हैं और हेल्‍थ को बढ़ाने में मददगार हैं। अजवायन पत्ती में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं तथा इसमें लंग्‍स की सफाई करने वाले ऐसे अन्य तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो अस्‍थमा एवं खांसी जैसे रोगों के उपचार में हेल्‍प करते हैं।

लहसुन की कली

लहसुन को अपने एन्टीवायरस गुणों के लिए जाना जाता है जो इसके औषधीय मूल्यों को बढ़ाते हैं। इससे ऐसे इन्फेक्शन को रोकने में हेल्‍प मिलती है जो संभावित रूप से अस्‍थमा का कारण बन सकते हैं। आप लहसुन की कली को सीधे खा सकते हैं या फिर बाजार में उपलब्ध कैप्सूल के रूप में भी इसका सेवन कर सकते हैं।

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