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फेफड़े के कैंसर के लक्षण : फेफड़ों का कैंसर होने से पहले मिलते हैं 10 संकेत, जानिये बचाव के तरीके

By उस्मान | Updated: March 12, 2021 15:36 IST

Lung Cancer symptoms : लक्षणों को समय पर पहचानकर सही इलाज में मदद मिल सकती है

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ठळक मुद्देस्मोकिंग फेफड़ों के कैंसर का बड़ा कारणदुनियाभर में मौत का एक बड़ा कारण है यह कैंसरआसान तरीके से अपना बचाव कर सकते हैं आप

कैंसर कई प्रकार का होता है जिसमें एक फेफड़े का कैंसर भी है. फेफड़ों के कैंसर में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं। ट्यूमर कोशिकाओं के अतिवृद्धि के कारण हो सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि फेफड़ों से कैंसर से दुनियाभर में सबसे अधिक मौत होती हैं. 

सीडीसी के अनुसार, धूम्रपान करने वालों को सामान्य लोगों की तुलना में फेफड़ों के कैंसर के विकास की संभावना 15 से 30 गुना अधिक है। वहीं, अगर आप धूम्रपान करना कम या बंद कर देते हैं, तो यह आपके फेफड़ों के कैंसर के खतरे को भी कम करता है। 

फेफड़े का कैंसर पीड़ित को धीरे-धीरे खत्म कर देता है, इसलिए इसे 'साइलेंट किलर' के रूप में भी जाना जाता है। शुरुआत में इसका पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, जिसके कारण कैंसर गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है। 

फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

अगर शुरुआती चरण में फेफड़ों का कैंसर पकड़ा जाता है, तो पीड़ित को ठीक किया जा सकता है। फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों में लगातार खांसी होना, हेमोप्टीसिस (खांसी में खून), सांस लेने में कठिनाई, ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसे सीने में संक्रमण, घरघराहट, वजन कम होना, सिरदर्द, आवाज बैठना और हड्डी में दर्द होना शामिल हैं. 

फेफड़ों के कैंसर का इलाज

एक बार जब फेफड़ों के कैंसर का पता चल जाता है, तो आपका डॉक्टर आपको बीमारी के इलाज के लिए कुछ स्कैन करने का सुझाव दे सकता है। डॉक्टर सर्जरी के लिए सलाह दे सकता है. इसके अलावा आपको कीमोथेरेपी का सुझाव दिया जा सकता है।

कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी उपचार के प्राथमिक तौर-तरीके हैं। इसके आलावा इम्यूनोथेरेपी का भी सहारा लिया जा सकता है. यह प्रतिरक्षा प्रणाली के उपयोग के साथ कैंसर से लड़ने के लिए दिया जा सकता है।  

फेफड़ों के कैंसर से बचने के उपाय

इससे बचने के लिए आप तुरंत धूम्रपान करना छोड़ दें। छोड़ने से आपके फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो जाता है, भले ही आप वर्षों से धूम्रपान करते हों। इसके विकल्पों में निकोटीन प्रतिस्थापन उत्पाद, दवाएं और सहायता समूह शामिल हैं. 

शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मोकिंग छोड़ने वाले या स्मोकिंग करने वाले लोग जितनी मात्रा में सेब, केले और टमाटर जैसी चीजों का सेवन करेंगे, उनके फेफड़े की कार्यक्षमता में उतना ही सुधार होगा। 

टमाटरटमाटर लाइकोपीन का एक बेहतर स्रोत है। यह एक एंटीऑक्सिडेंट है जो वायुमार्ग की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इस तरह टमाटर के नियमित सेवन से फेफड़ों के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। 

इसके अलावा इसमें फ्लेवोनॉयड्स भी होते हैं, जो फेफड़ों के कामकाज को बेहतर बनाते हैं। टमाटर के अलावा कई फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले यह तत्व इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं, जिससे आपको सांस लेने में आसानी होती है।

केले और सेबजिस तरह टमाटर खाने से फेफड़ों के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है उसी तरह केले और सेब जैसे फल भी स्मोकिंग करने वाले लोगों के लिए सबसे बेहतर खाने की चीजें हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इन चीजों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो फेफड़ों को स्वस्थ रखते हैं। इतना ही नहीं इन चीजों से फेफड़ों में सुधार होता है स्मोकिंग से होने वाले फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान को कम करने में मदद मिलती है।

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