लाइव न्यूज़ :

दिल्ली में डॉक्टरों ने निकाली 7.4 किलो की दुनिया की सबसे भारी किडनी, इस रोग से था पीड़ित

By उस्मान | Updated: November 25, 2019 16:56 IST

गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज दुनिया की सबसे अधिक बड़ी किडनी का वजन 4.25 किलो था।

Open in App

दिल्ली के एक अस्पताल में चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर 56 वर्षीय एक व्यक्ति के शरीर से 7.4 किलो की किडनी निकाल दी है। अस्पताल के अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी किडनी है।

सर गंगा राम अस्पताल में यूरोलॉजी कन्सल्टेंट डॉ. सचिन कथूरिया ने बताया कि किडनी इतनी बड़ी थी कि उसने मरीज के पेट को लगभग पूरा ही घेर रखा था। किडनी को दो घंटे की सर्जरी के बाद निकाला गया। उन्होंने कहा, 'इसे इस तरह समझिए, किडनी का वजन दो नवजात बच्चों के कुल वजन से भी अधिक था।' 

सामान्य किडनी का वजन लगभग 120-150 ग्राम होता है। जिस किडनी को निकाला गया उसका आकार 32 गुणा 21.8 सेमी था। अधिकारियों का कहना है कि यह दुनियाभर में यह पहला मामला है जिसमें इतनी बड़ी किडनी निकाली गई है। 

डॉ.कथूरिया ने कहा, 'ऑपरेशन से पहले हमें यह तो पता था कि किडनी बड़ी है लेकिन हमने उम्मीद नहीं की थी कि यह अब तक कि सबसे अधिक वजन वाली किडनी होगी।' 

गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज दुनिया की सबसे अधिक बड़ी किडनी का वजन 4.25 किलो था। यह अब तक दुनिया की सबसे बड़ी किडनी मानी जाती थी। इसे चिकित्सकों ने 2017 में निकाला था, उस किडनी में गठानें थी।

 

सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सक इस सर्जरी के आधार पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस में आवेदन करने की योजना बना रहे हैं। जिस मरीज की किडनी निकाली गई है वह दिल्ली का रहवासी है और ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलिसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD) नाम के जेनेटिक विकार से पीड़ित था।  

ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलिसिस्टिक किडनी डिजीज क्या है? ADPKD, सबसे आम, जानलेवा आनुवंशिक रोगों में से एक है। इसमें द्रव से भरे सिस्ट दोनों किडनी में विकसित होते हैं और बढ़ जाते हैं, जिससे किडनी डैमेज होने का खतरा होता है। यह किडनी डैमेज का चौथा प्रमुख कारण है। इससे पीड़ित 50 प्रतिशत से अधिक लोगों में 50 वर्ष की आयु तक किडनी डैमेज हो जाती हैं। एक बार जब किसी व्यक्ति को गुर्दे की विफलता होती है, तो डायलिसिस या एक प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प होता है।

ADPKD एक दर्दनाक बीमारी है जो जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। एक सामान्य गुर्दे का औसत आकार एक मानव मुट्ठी है। पॉलीसिस्टिक गुर्दे बहुत बड़े हो सकते हैं, कुछ फुटबॉल के रूप में बड़े होते हैं, और प्रत्येक का वजन 30 पाउंड तक होता है। यह कुछ आनुवंशिक रोगों की तरह है जिसका अर्थ है कि यह अक्सर एक परिवार में कई लोगों को प्रभावित करता है। ADPKD से निदान किए गए लगभग 10 प्रतिशत लोगों में बीमारी का कोई पारिवारिक इतिहास नहीं है।  

ADPKD के लक्षणपीड़ित को पीठ या पक्षों में दर्द, आपके पेशाब में खून, अल्सर बढ़ने पर अपने पेट में सूजन, समय के साथ, सिस्ट आपकी किडनी को नुकसान पहुंचाने के लिए बड़े हो सकते हैं, थकान, अक्सर पेशाब आना, अनियमित पीरियड्स, जी मिचलाना, सांक की कमी, टखनों, हाथों और पैरों में सूजन और स्तंभन दोष शामिल हैं. 

टॅग्स :हेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार