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Covid strain Omicron: न कहीं गया, न आया फिर भी 'ओमीक्रोन' की चपेट में आ गया डॉक्टर, जानिए मरीज में क्या लक्षण दिखे

By उस्मान | Updated: December 3, 2021 12:21 IST

कर्नाटक में कोरोना के नए वैरिएंट के दो मामले मिले हैं जिनमें एक व्यक्ति की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है

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ठळक मुद्देकर्नाटक में कोरोना के नए वैरिएंट के दो मामले मिले हैं एक मरीज की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है राज्य सरकार करेगी इमरजेंसी बैठक

कोरोना वायरस का नया खतरनाक वैरिएंट ओमीक्रोन (omicron) भारत में दस्तक दे चुका है। कर्नाटक में इस नए घातक संस्करण के दो मामलों का पता चला है। हैरानी की बात यह है कि इसमें एक ऐसा मरीज है, जिसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है और यही बात चिंता का विषय है।

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओमीक्रोन से पीड़ित एक व्यक्ति सरकारी अस्पताल में कार्यरत 46 वर्षीय डॉक्टर है। हैरानी की बता यह है कि इसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। 

दोनों लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। चिकित्सक के सम्पर्क में आए पांच लोग भी संक्रमित पाए गए हैं और उनके नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि अत्यधिक थकान, कमजोरी और बुखार की शिकायत के कारण 22 नवंबर को उसका परीक्षण किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसकी साइकिल की थ्रेशोल्ड वैल्यू कम थी और उसका सैंपल लैब भेजा गया था। उसके संपर्क में आने वाले लोगों को भी टेस्ट किया गया है।

दूसरा मामले में एक 66 वर्षीय पुरुष है, जो दक्षिण अफ्रीकी नागरिक है। वह 20 नवंबर को बेंगलुरु आया और उसका रिजल्ट पॉजिटिव पाया गया। उसके बाद उसे एक होटल में आइसोलेट किया गया था और 23 नवंबर को उसका एक निजी लैब में टेस्ट किया गया और दौरान उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वह 27 नवंबर को दुबई के लिए रवाना हो गया। उसके संपर्क में आने वाले लोगों का भी टेस्ट किया और सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।

मरीजों में कोरोना के कौन से लक्षण दिखेबताया जा रहा है कि कर्नाटक में मिले दो मामले डेल्टा से मेल नहीं खाते हैं। राज्य में ओमीक्रोन के अधिक मामले हो सकते हैं क्योंकि सकारात्मक परीक्षण करने वाले डॉक्टर का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। सभी मामलों में कोई प्रमुख लक्षण नहीं थे।

विशेषज्ञों ने इन मामलों में कम सीटी मान देखा है और यही कारण है कि कम सीटी मान वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के सकारात्मक परीक्षण के नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे जा रहे हैं।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नया वैरिएंट कैसे फैलता है, हम अभी यह नहीं कह सकते हैं, लेकिन चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अब तक पहचाने गए सभी छह मामलों में कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं है। हमने डेल्टा संस्करण देखा है, उसमें तीव्रता, सांस लेने जैसी अधिक समस्याएं थी जबकि यहां लक्षण हल्के हैं।

उच्च स्तरीय बैठक करेंगे मुख्यमंत्री बसवराजस्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से नहीं घबराने की अपील करते हुए कहा है कि संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा कम न करें। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई राज्य में और प्रतिबंध लगाने पर फैसला करने के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। बैठक में कोरोना वायरस के नए स्वरूप से निपटने के लिए नए दिशानिर्देश तय किए जा सकते हैं। 

मुख्ममंत्री कार्यालय ने बृहस्पतिवार देर रात एक बयान में बोम्मई के हवाले से कहा, 'विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कल आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में वायरस के नए स्वरूप को फैलने से रोकने के उपाय और इसे नियंत्रित करने की रणनीति पर चर्चा होगी। इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार के विशेषज्ञों से भी चर्चा की जाएगी। नए दिशानिर्देश भी तय किए जा सकते हैं।'  

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