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Covid-19 treatment: कोविड-19 के लिये एंटीबॉडी का पता लगाने वाली ELIFast किट जारी

By उस्मान | Updated: October 29, 2020 10:19 IST

कोरोना वायरस का इलाज : इस किट के जरिये कोविड-19 के समक्ष किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक स्थिति का पता लग सकेगा।

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ठळक मुद्देकिट से कोविड-19 के समक्ष किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक स्थिति का पता लग सकेगाएलीफास्ट को आईसीएमआर से मिली मंजूरीकंपनी ने कारवा लिमिटेड के साथ भागीदारी में इस किट को बाजार में उतारा है

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सिप्ला दवा कंपनी ने भारत में 'एलीफास्ट' ब्रांड नाम के तहत रोग प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाने वाली किट को जारी करने की घोषणा की। कंपनी ने कारवा लिमिटेड के साथ भागीदारी में इस किट को बाजार में उतारा है। 

सिप्ला ने यह जानकारी देते हुये कहा कि इस किट के लिये भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण किया है। कंपनी ने कहा है, 'सहयोगात्मक प्रयासों के तहत सिप्ला एसएआरएस सीओवी-2-एलजीजी रोग प्रतिरोधक खोज एलीसा के विपणन और वितरण के लिये जिम्मेदार होगी। इसका विनिर्माण कारवा लिमिटेड द्वारा किया जायेगा।'

कंपनी के वक्तव्य में कहा गया है कि सिप्ला के वितरण नेटवर्क के जरिये इस किट की देशभर में आपूर्ति सुनियोजित तरीके से होगी। यह आपूर्ति आसीएमआर द्वारा मंजूरी प्राप्त चैनलों के जरिये की जायेगी ताकि इसका समान तरीके से वितरण हो सके। 

एलीफास्ट को आईसीएमआर से मिली मंजूरीएलीफास्ट को आईसीएमआर और पुणे स्थिति नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलोजी (एनआईवी) द्वारा मंजूरी और विधिमान्य किया गया है। इस किट के जरिये कोविड-19 के समक्ष किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक स्थिति का पता लग सकेगा। आईसीएमआर ने सीरो-निगरानी के तहत इस प्रकार के परीक्षण की सिफारिश की है।  

देश में कोरोना के मामले 80 लाख पार

कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन राहत की बात यह है कि सक्रिय मरीजों की संख्या तेजी से कम हो रही है। इस घातक वायरस की वजह से पूरी दुनिया प्रभावित है। इस बीच भारत में कोरोना के मरीज 80 लाख से पार हो गए हैं। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 49,881 नए मामले सामने आए। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 517 मरीजों की मौत हुई है। अबतक 80,40,203 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमे से 6,03,687 सक्रिय मामले हैं और 73,15,989 लाख ठीक हो गए हैं, जिन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, 1,20,527 मरीजों की मौत हो चुकी है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 28 अक्टूबर तक कुल 10,65,63,440 नमूनों की जांच की गई, इनमें से 10,75,760 नमूनों की जांच बुधवार को की गई। भारत उन कुछ देशों में है जहां रोजाना बड़ी संख्या में जांच की जा रही है। देश में प्रयोगशालाओं के बेहतर नेटवर्क और इस तरह की अन्य सुविधाओं से इसमें पर्याप्त सहायता मिली है।

पिछले एक सप्ताह से लगातार एक हजार से कम लोगों की मौत हो रही है। यह आंकड़ा दो अक्टूबर से 1,100 से कम है। दस राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों- महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ठीक हुए मामलों में से 75 प्रतिशत मामले दर्ज किये गये है। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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