लाइव न्यूज़ :

बच्चों को कोरोना से बचाने के उपाय : दूसरी लहर में तेजी से वायरस की चपेट में आ रहे बच्चे, इन 8 लक्षणों पर रखें नजर

By उस्मान | Updated: April 19, 2021 08:32 IST

बच्चों में कोरोना के लक्षणों को समझें और वायरस से बचने के तरीके जानिये

Open in App
ठळक मुद्देबच्चों में कुछ लक्षण अलग लक्षणों को न करें नजरअंदाज वायरस से बचने के लिए नियमों का पालन जरूरी

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से देश में कोरोना के मामलों में अचानक वृद्धि हुई है। इस बार, वायरस का नया संस्करण न केवल वयस्कों में गंभीर जटिलताओं का कारण बन रहा है, बल्कि बच्चों के लिए भी उतना ही खतरनाक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वायरस का न्य रूप बच्चों को आसानी से संक्रमित कर सकता है। समस्या यह है कि बच्चों के लिए कोई टीका भी नहीं है। कथित तौर पर, वायरस का नया संस्करण 8 महीने से 14 साल के बच्चों में तेजी से फैल रहा है। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना से संक्रमित बच्चों की सबसे अधिक संख्या दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक से है। संकट के इस समय बच्चों पर पूरा ध्यान देना जरूरी है। हम आपको कोरोना के लक्षण बता रहे हैं, जो बच्चों में नजर आ सकते हैं।

बच्चों में कोरोना के सामान्य लक्षण

हार्वर्ड हेल्थ द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे उन लक्षणों से पीड़ित हो सकते हैं जो वयस्कों से पूरी तरह से अलग हो सकते हैं। कुछ बच्चों में लक्षण महसूस भी नहीं होते और किसी में कम लक्षण दिख सकते हैं। 

बच्चे 103-104 डिग्री सेल्सियस बुखार से पीड़ित हो सकते हैं। यदि बुखार 4-5 दिनों तक जारी रहता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और माता-पिता को रक्तचाप पर भी नजर रखनी चाहिए। पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से ऑक्सीजन लेवल को मापा जा सकता है।

सामान्य संकेतों के अलावा, कई बार बच्चे वयस्कों के लक्षण अलग दिखा सकते हैं। लंबे समय तक ठंड बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित कर सकती है और निमोनिया भी हो सकता है। 

इसके अलावा भरी हुई नाक भी शरीर में वायरस की उपस्थिति का संकेत दे सकती है। चेहरे और होठों का लाल होना, फटे होंठ, फफोले, चिड़चिड़ापन, नींद न आना और भूख न लगना बच्चों में कोरोना के कुछ अन्य लक्षण हैं।

बच्चों को इन्फेक्शन से बचाने के उपाय

बच्चों में संक्रमण को रोकने के लिए पहले से आवश्यक कदम उठाना महत्वपूर्ण है। हालांकि बच्चों के लिए कोरोना मानदंडों का पालन करना कठिन हो सकता है लेकिन फिर भी उन्हें इन नियमों का पालन करने की आदत डालें। 

सुनिश्चित करें कि वे सामाजिक दूरी का पालन करें, मास्क पहनने और स्वच्छता का ध्यान रखें। चूंकि बच्चों के लिए कोरोना के टीके अभी उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि मौसमी इन्फ्लूएंजा का टीका लगवाएं।

सुनिश्चित करें कि उनके खाने में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी, डी, कैल्शियम और जिंक जैसे आवश्यक प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले पोषक तत्व शामिल हों। उन्हें खूब पानी पिलाएं और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी कराएं।

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियामेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

स्वास्थ्ययाद कीजिए नीम हकीम खतरा-ए-जान वाली कहावत! 

स्वास्थ्यमेरी नाक बंद है, मुझे कैसे पता चलेगा कि यह ‘फीवर’ का लक्षण है या सर्दी का?

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यबांग्लादेश खसरा प्रकोपः 100 से अधिक बच्चों की मौत?, मार्च से अब तक 900 से अधिक केस, खसरा-रूबेला का आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाया?

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह