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Covid-19 vaccine: ICMR का दावा, 50 से 100% प्रभावी हो सकती है भारत की कोरोना वैक्सीन

By उस्मान | Updated: September 23, 2020 09:11 IST

कोरोना वायरस की वैक्सीन : आईसीएमआर ने कहा है कि श्वसन वायरस के टीकों में सौ फीसदी प्रभावशीलता हासिल नहीं के इजा सकती, लेकिन टीका असरदार जरूर होगा

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ठळक मुद्देश्वसन रोगों के लिए कोई भी टीका 100% प्रभावकारी नहीं 100 प्रतिशत दक्षता के लिए प्रयास कर रहा है संगठन50 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता टीके को WHO से मंजूरी

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से देश में 5,640,496 लोग संक्रमित हो गए हैं और 90,021 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना से निपटने के लिए पूरी दुनिया को वैक्सीन का इंतजार है। इस बीच खबरें हैं कि कोरोना वायरस की वैक्सीन 100 फीसदी प्रभावकारी नहीं है। 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि श्वसन रोगों के लिए कोई भी टीका 100% प्रभावकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के टीके की प्रभावकारिता 50 से 100% रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वे 100 प्रतिशत दक्षता के लिए प्रयास कर रहे हैं।

वायरस के खिलाफ प्रभावी साबित होगा टीका

बलराम भार्गव ने कहा, 'हम 100 फीसदी प्रभावकारिता के लिए लक्ष्य बना रहे हैं, लेकिन 50 से 100 फीसदी के बीच रह सकते हैं। हालांकि, यह अभी भी वायरस के खिलाफ एक प्रभावी टीका होगा। 

श्वसन वायरस के टीकों में 100 प्रतिशत प्रभावकारिता हासिल करना मुश्किल

भार्गव ने आगे कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता वाला एक टीका प्रशासन के लिए स्वीकार्य है। श्वसन वायरस के टीकों में 100 प्रतिशत प्रभावकारिता हासिल नहीं की जाती है।

कोविड-19 वैक्सीन के लिए दिशानिर्देश

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने सोमवार को कोविड-19 वैक्सीन के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें कई सुरक्षा प्रोटोकॉल को सूचीबद्ध किया गया है, जिनका कंपनियों को पालन करना है। 

- अनुमोदन के लिए जाने वाला टीका कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण की तुलना में बेहतर प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को प्राप्त करना चाहिए।

- वैक्सीन प्राप्त करने वाले व्यक्ति को कम से कम एक वर्ष के लिए पुन: संक्रमण से बचाया जाना चाहिए।

- टीकों के लिए विनियामक अनुमोदन केवल तभी होगा जब कंपनियां प्राथमिक समापन बिंदु में 50 प्रतिशत प्रभावकारिता या माध्यमिक समापन बिंदुओं में 30 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता प्रदर्शित करेंगी।

- टीका लगवाने वाले लोगों में से कम से कम 50 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी की गंभीरता को रोकना या कम करना है।

- जिन व्यक्तियों को सार्स-को-2 वायरस ने पहले संक्रमित किया है, उन्हें टीका परीक्षण में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि उन्हें कोरोना या कोई अन्य गंभीर बीमारी न हो।

दुनियाभर में कोरोना के मामले 3 करोड़ पारकोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में 31,488,661 लोग संक्रमित हो गए हैं और 969,362 लोगों की मौत हो गई है। 

भारत में कोरोना के मामले 56 लाख के पार

भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 55 लाख के पार हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 75,083 नए मामले सामने आए हैं। ये लगातार तीसरा दिन है जब देश में कोरोना के 90 हजार से कम मामले सामने आए हैं। वहीं, एक दिन में भारत में कोरोना से रिकॉर्ड 1,01,468 लोग ठीक हुए हैं।

भारत में ये लगातार चौथा दिन है जब कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या नए आ रहे मामलों से कम है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना से रिकवरी रेट अब देश में 80.86 हो चुका है। भारत में अब तक कुल 44,97,868 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना से 1053 लोगों की मौत भी हुई है। देश में इसी के साथ कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 88,935 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार देश में अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 9,75,861 है। ये कुल मामलों का 17.54 प्रतिशत है। 

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