कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में अब तक 932,746 लोगों की मौत हो गई है और 29,445,847 लोग संक्रमित हो गए हैं।
कोरोना वायरस का टीका कब आएगा, इसे लेकर अब तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव अदार पूनावाला ने कहा कि फार्मा कंपनियां कोरोना वायरस की वैक्सीन की उत्पादन क्षमता पर तेजी से काम नहीं कर रही हैं जिसके चलते यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि साल 2024 के अंत तक भी दुनिया में हर किसी के लिए टीका उपलब्ध नहीं हो सकेगा।
नेटवर्क 18 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में पूनावाला ने कहा, 'जब तक इस ग्रह पर सभी को टीका नहीं लग जाता, तब तक चार से पांच साल लग जाएंगे। पूनावाला ने पहले यह अनुमान लगाया था कि मीजल्स या रोटा वायरस की तरह कोरोना वायरस में भी दो डोज की जरूरत होगी तो पूरी दुनिया के लिए 15 अरब डोज का इंतजाम करना होगा।
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए नोवावेक्स सहित पांच अंतरराष्ट्रीय दवा कंपनियों के साथ साझेदारी की है और एक बिलियन खुराक का निर्माण करने का वादा किया, जिसमें से उसने भारत को 50% का वादा किया है। स्पुतनिक वैक्सीन का उत्पादन करने के लिए फर्म रूस के गामाले रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ गठजोड़ भी कर सकती है।
भारत में मार्च 2021 तक आ जाएगा टीका: हर्षवर्धन
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने दावा किया है कि भारत में मार्च 2021 तक कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार हो जाएगी। उन्होंने कोरोना वैक्सीन का पहला शॉट खुद लेने की इच्छा जताई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि टीके के सुरक्षा पहलू के बारे में आशंका जताने के लिए, हर्षवर्धन ने कहा कि अगर कुछ लोगों के भरोसे में कमी है, तो वे वैक्सीन की पहली खुराक लेने से खुश होंगे।
हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया अनुयायियों के साथ बातचीत करते हुए यह भी बताया कि टीका लॉन्च के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है, यह 2021 की पहली तिमाही तक तैयार हो सकती है।
जरूरतमंदों को सबसे पहले उपलब्ध होगायह 2021 की पहली तिमाही तक तैयार हो सकता है और सबसे जरूरतमंदों को सबसे पहले उपलब्ध होगा, ना कि लोगों की भुगतान क्षमता के आधार पर इसे उन्हें दिया जाएगा।
मंत्री ने ‘सन्डे संवाद’ प्लेटफॉर्म पर अपने सोशल मीडिया फॉलोअरों के साथ बातचीत में ये बयान दिये। उन्होंने इस दौरान न केवल कोविड-19 की स्थिति को लेकर, बल्कि इस पर सरकार के रुख के विषय में भी अनेक सवालों के जवाब दिये।
हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार टीके के मनुष्य पर परीक्षण में पूरी सावधानियां बरत रही है और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल की अध्यक्षता में कोविड-19 के लिए टीका प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह इस बारे में विस्तार से रणनीति तैयार कर रहा है कि अधिकतर आबादी को कोरोना वायरस से कैसे सुरक्षित किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘टीके की सुरक्षा, लागत, उत्पादन समयसीमा आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई है।’’ मंत्री ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए कोविड-19 के टीके को आपात स्वीकृति देने पर विचार कर रही है। बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘आम-सहमति बनने के बाद यह किया जाएगा।’’
भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 49 लाख के पार
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के पिछले 24 घंटे में 83,809 नए मामले सामने आए हैं। ये जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई है। इसी के साथ देश में कोरोना संक्रमण के अब कुल मामले 49 लाख के पार हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना से 1054 लोगों की मौत भी हुई है।
इसी के साथ देश में अब तक कोरोना से 80,776 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अभी एक्टिव मरीजों की संख्या 80,776 है। वहीं, 38,59,400 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। वहीं, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार देश में अब तक कोरोना के 5,83,12,273 सैंपल टेस्ट हुए हैं। ये आंकड़े 14 सितंबर तक के हैं। इसमें 14 सितंबर को ही 10,72,845 सैंपल की जांच हुई।